फरीदाबाद, गुरुग्राम और रेवाड़ी यूनिटों की कार्रवाई में हेरोइन, गांजा, एमडीएमए और कोकीन बरामद; 31 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को किया जागरूक
✍️ राकेश मीणा
फरीदाबाद, 3 नवंबर। स्मार्ट हलचल|हरियाणा में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) ने व्यापक अभियान चलाते हुए तस्करों पर शिकंजा कसा है। ब्यूरो की फरीदाबाद, गुरुग्राम और रेवाड़ी यूनिटों ने पिछले चार महीनों में कार्रवाई करते हुए 45 मुकदमे दर्ज किए और 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के साथ नशीली दवाइयों और इंजेक्शन की बड़ी खेप बरामद की गई। ब्यूरो ने कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 31 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए।
ब्यूरो प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार के निर्देशन तथा डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण में तीनों यूनिटों ने 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीमों ने सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए नशा तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की। अभियान में व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी वाले मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया।
45 मुकदमों में 11 कमर्शियल क्वांटिटी के मामले
चार महीने के दौरान तीनों यूनिटों में कुल 45 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें 11 मामले कमर्शियल क्वांटिटी यानी व्यावसायिक मात्रा के, 32 मामले इंटरमीडिएट क्वांटिटी और 2 मामले स्मॉल क्वांटिटी के रहे। व्यावसायिक मात्रा के मामलों में नशे की बड़ी खेप बरामद होने के कारण जांच एजेंसियां इनके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
गुरुग्राम यूनिट ने दर्ज किए सबसे ज्यादा 19 मुकदमे
गुरुग्राम यूनिट ने चार महीने में 19 मुकदमे दर्ज कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 7 कमर्शियल, 11 इंटरमीडिएट और 1 स्मॉल क्वांटिटी का मामला शामिल है। तीनों यूनिटों के कुल 11 कमर्शियल मामलों में से 7 मामले अकेले गुरुग्राम यूनिट के हैं।
यूनिट ने कार्रवाई के दौरान 163.71 ग्राम एमडीएमए, 43.26 ग्राम कोकीन, 40.39 ग्राम हेरोइन, 6.92 किलोग्राम गांजा और 24 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए। गुरुग्राम यूनिट ने प्रवर्तन कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया और सबसे अधिक 19 कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।
फरीदाबाद यूनिट ने 21 आरोपियों को किया गिरफ्तार
फरीदाबाद यूनिट ने 18 मुकदमे दर्ज कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 2 कमर्शियल, 15 इंटरमीडिएट और 1 स्मॉल क्वांटिटी का मामला शामिल है।
कार्रवाई के दौरान यूनिट ने 205.278 ग्राम हेरोइन, 6.96 किलोग्राम गांजा, 6.194 किलोग्राम पोस्त चूरा, 8.90 ग्राम कोकीन, 6,480 नशीली कैप्सूल व टैबलेट, 386 नशीले इंजेक्शन और 24 बोतल कोडीन सिरप बरामद किए। तीनों यूनिटों की कुल हेरोइन बरामदगी में फरीदाबाद यूनिट की हिस्सेदारी करीब 72 प्रतिशत रही। यूनिट की ओर से पांच जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
रेवाड़ी यूनिट ने 8 मुकदमे दर्ज कर 8 आरोपी पकड़े
रेवाड़ी यूनिट ने चार महीने में 8 मुकदमे दर्ज कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 2 कमर्शियल और 6 इंटरमीडिएट क्वांटिटी के मामले शामिल हैं। यूनिट ने 38.14 ग्राम हेरोइन, 3,600 ट्रामाडोल कैप्सूल और 8 बोतल कोडीन सिरप बरामद किया। इसके अलावा सात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।
तीनों यूनिटों की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी बरामदगी
1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक तीनों यूनिटों ने संयुक्त रूप से 283.808 ग्राम हेरोइन, 163.71 ग्राम एमडीएमए, 52.16 ग्राम कोकीन, 13.88 किलोग्राम गांजा और 6.194 किलोग्राम पोस्त चूरा बरामद किया।
इसके अलावा 10,104 नशीली कैप्सूल व टैबलेट, 386 नशीले इंजेक्शन और 32 बोतल कोडीन सिरप भी जब्त किए गए। बरामदगी के आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्र में हेरोइन और गांजा जैसे पारंपरिक नशीले पदार्थों के साथ एमडीएमए और कोकीन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स तथा नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई भी चुनौती बनी हुई है।
नशे के स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचना प्राथमिकता : डीआईजी मीणा
डीआईजी एचएसएनसीबी राजेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि नशे के खिलाफ ब्यूरो की लड़ाई केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं है। प्रत्येक मामले में, विशेषकर कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में, नशे के वास्तविक स्रोत और सप्लाई चेन तक पहुंचना प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए पुलिस की कार्रवाई के साथ समाज का सहयोग भी जरूरी है। चार महीनों में फरीदाबाद, गुरुग्राम और रेवाड़ी यूनिटों की टीमों ने बेहतर कार्य किया है। नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तेजी से जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस या ब्यूरो को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी फोकस
एचएसएनसीबी ने नशे के खिलाफ अभियान में केवल पुलिस कार्रवाई को ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। चार महीने में तीनों यूनिटों ने कुल 31 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें गुरुग्राम में 19, रेवाड़ी में 7 और फरीदाबाद में 5 कार्यक्रम हुए।
इन कार्यक्रमों में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों, युवाओं, अभिभावकों और आमजन को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों की जानकारी देकर लोगों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
नशे की सूचना देने के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर
ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि उनके आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी या अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें। इसके लिए एचएसएनसीबी हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 और मानस टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी किए गए हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
डीआईजी राजेंद्र कुमार मीणा ने शहरवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए परिवार के साथ त्योहार मनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस के साथ आमजन, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी जरूरी है।