सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी और दुष्प्रचार के विरोध में बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल ने जताई नाराजगी, सार्वजनिक माफी और कार्रवाई की मांग*
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|श्री बागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणियों और दुष्प्रचार के विरोध में गुरुवार को देशभर में विरोध दर्ज कराया गया। श्री बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल की केंद्रीय समिति, गढ़ा (जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश) के आह्वान पर देशभर में 240 स्थानों पर जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे गए। भीलवाड़ा में भी समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जिला कलेक्टर को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही कथित अभद्र टिप्पणियों से श्रद्धालुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समिति ने कहा कि पं. शास्त्री सनातन संस्कृति, धार्मिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके कथनों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
समिति पदाधिकारी जसवंत शर्मा ने कहा कि करेरा (मध्यप्रदेश ) में कथा के दौरान भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप एवं स्वभाव की व्याख्या करते हुए पं. शास्त्री ने दोनों को एक ही बताया था, लेकिन उनके कथन का गलत अर्थ निकालकर विवाद पैदा किया गया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार रोकने और संबंधित व्यक्ति से सार्वजनिक माफी मंगवाने की मांग को लेकर देशभर में ज्ञापन दिए गए हैं।
वहीं, बागेश्वरधाम सुंदरकांड मंडल की प्रभारी अलका सिसोदिया ने कहा कि करेरा में कथा के दौरान भी गुरुदेव ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रति अपने भाव व्यक्त किए थे, लेकिन विरोधियों की ओर से लगातार विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पं. शास्त्री जातिवाद मिटाने और हिंदू समाज को एकजुट करने का काम कर रहे हैं। उनके कार्यों पर टिप्पणी करने वालों को पहले बागेश्वरधाम जाकर वहां चल रहे सेवा कार्यों को देखना चाहिए।
सिसोदिया ने दिल्ली से मथुरा तक पं. शास्त्री की पदयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को आपसी विवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर सनातन धर्म की एकता के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रसिद्धि पाने के लिए हिंदू समाज के बीच मतभेद पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में पं. शास्त्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई।