वर्धमान कॉलेज में जिला स्तरीय महिला सम्मान एवं संवाद समारोह आयोजित; कलेक्टर, एसपी और एडीजे ने कानून और अधिकारों पर दिया जोर
अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।राजस्थान पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार पूरे राज्य में ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ (Safety and Dignity for every Woman) अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को ब्यावर के वर्धमान कॉलेज में जिला स्तरीय महिला वॉलन्टियर्स संवाद एवं महिला सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया व वृताधिकारी श्री राजेश कसाना के निकट सुपरविजन में संपन्न हुआ। जिला स्तर के साथ-साथ जिले के सभी थानों पर भी इस अभियान के तहत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अत्याचार के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाएं महिलाएं: जिला कलेक्टर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने अपने संबोधन में महिलाओं को सशक्त बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “महिलाओं को निडर होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा। अपने ऊपर हो रहे किसी भी अत्याचार के खिलाफ बोलना सीखें।” कलेक्टर ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि यदि कोई भी पीड़ित महिला शिकायत लेकर आती है, तो उसकी तुरंत सुनवाई कर निवारण किया जाए ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
समानता और अधिकारों से ही बढ़ेगा मान: पुलिस अधीक्षक
ब्यावर पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने समाज में लैंगिक समानता की बात रखते हुए कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने पुरुषों से भी अपील की कि वे हर कार्य में महिलाओं की भागीदारी और उनका सहयोग बढ़ाएं। एसपी ने उपस्थित महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा जारी कानूनी अधिकारों व विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की महत्ता समझाई।
कानूनी रूप से सजग रहें महिलाएं: अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सोनल पारीक (अतिरिक्त जिला न्यायाधीश) ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से रूबरू कराया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता (फ्री लीगल एड) के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कानून हर मोड़ पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए खड़ा है, बस उन्हें बिना डरे आगे आने की जरूरत है।
बेटियों को मिलेगा आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया ने ‘महिला सुरक्षा संकल्प’ अभियान का परिचय दिया। उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिनों में जिले में बालिकाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने छात्राओं को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
इन सुरक्षा तंत्रों और हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
महिला थानाधिकारी विद्या मीणा ने मंच से राजस्थान सरकार और पुलिस द्वारा संचालित आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी, ताकि संकट के समय महिलाएं इनका उपयोग कर सकें:
112: इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (आपातकालीन सहायता)
1090: गरिमा हेल्पलाइन
181: नेशनल वुमन हेल्पलाइन
1098: नेशनल चाइल्ड हेल्पलाइन
1930: साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन
अन्य सुरक्षा माध्यम: राजकॉप सिटीजन ऐप, वन स्टॉप सुरक्षा सेंटर और ब्यावर में मुस्तैद ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’।
समारोह में इनकी रही विशेष मौजूदगी:
इस वृहद संवाद कार्यक्रम में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका, साथिनी, आशा सहयोगिनी, ए.एन.एम./जी.एन.एम., महिला अधिवक्ता, गृहणियां, महिला छात्रावास वार्डन सहित एनएसएस-एनसीसी की छात्राएं, एनजीओ प्रतिनिधि और विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के प्रधानाचार्य व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
