अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल|सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय, ब्यावर के संगीत विभाग की ओर से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “शास्त्रीय संगीत सभा एवं संवाद शृंखला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ख्यातनाम कलाकार पं. दीपक क्षीरसागर (वडोदरा), अनूपराज पुरोहित (जोधपुर) एवं कपिल वैष्णव (जोधपुर) ने शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पं. दीपक क्षीरसागर ने राग गौड़ मल्हार सहित विभिन्न रागों की घरानेदार प्रस्तुति से शास्त्रीय संगीत की बारीकियों का परिचय कराया। ग्वालियर घराना परंपरा से जुड़े पं. क्षीरसागर आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के टॉप ग्रेड कलाकार हैं तथा शास्त्रीय गायन के साथ स्लाइड गिटार में भी विशिष्ट पहचान रखते हैं।
युवा शास्त्रीय गायक एवं हारमोनियम वादक अनूपराज पुरोहित ने गायन और हारमोनियम वादन के माध्यम से राग-संगीत के भाव-सौंदर्य को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं कपिल वैष्णव ने तबला वादन में लयकारी और ताल की सूक्ष्मताओं से श्रोताओं को प्रभावित किया। स्वर, लय और ताल के संगम ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
विद्यार्थियों ने कलाकारों से पूछे सवाल
कार्यक्रम में विद्यार्थी संवाद सत्र भी आयोजित हुआ। विद्यार्थियों ने कलाकारों से रियाज, राग-विस्तार, मंचीय प्रस्तुति, घराना परंपरा, दैनिक अनुशासन और शास्त्रीय संगीत में भविष्य की संभावनाओं को लेकर सवाल किए। कलाकारों ने विद्यार्थियों को निरंतर रियाज, श्रवण, अध्ययन और मंचीय अनुभव को संगीत-साधना का आवश्यक अंग बताते हुए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में राजकीय कन्या महाविद्यालय, नाथद्वारा के संगीत विभाग के शिक्षक एवं विद्यार्थियों के दल ने भी सहभागिता की। प्राचार्या प्रो. रेखा मंडोवरा के मार्गदर्शन में पहुंचे दल का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि संगीत संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना के निर्माण का प्रभावी माध्यम है।
संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. दुष्यन्त त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को कक्षा से मंच और ज्ञान से अनुभव तक की यात्रा का अवसर प्रदान करते हैं। भविष्य में संयुक्त संगीत सभाओं, कार्यशालाओं, व्याख्यान-प्रदर्शनों एवं शोधपरक गतिविधियों को विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में अजमेर, पाली एवं स्थानीय वर्धमान कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। आयोजन के सफल संचालन में संगीत विभाग के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय परिवार का सहयोग रहा। कार्यक्रम संयोजक सुनील कुमार एवं निश्चय कच्छावा ने अतिथि कलाकारों एवं सभी सहभागियों का आभार व्यक्त किया। कविता भाटी ने संचालन किया।
