22 साल की वर्षा भारती बनीं प्रदेश की सबसे कम उम्र की सरपंच, भरीथल गांव में पहली बार बेटी के सिर सजा ताज

21 साल 11 महीने 23 दिन की उम्र में रचा इतिहास, प्रतिद्वंद्वी प्रियंका को 373 मतों से हराया; एमए प्रथम वर्ष की छात्रा वर्षा ने गांव के विकास और जनसेवा को बताया अपना संकल्प

दिनेश लेखी

कठूमर।स्मार्ट हलचल|कठूमर उपखंड क्षेत्र के गांव भरीथल की 22 वर्षीय बेटी वर्षा भारती ने अपनी प्रतिभा, युवा सोच और ग्रामीणों के विश्वास के दम पर इतिहास रच दिया है। वर्षा भारती प्रदेश की सबसे कम उम्र की सरपंचों में शामिल हो गई हैं। महज 21 वर्ष 11 महीने और 23 दिन की उम्र में ग्रामीणों ने उन्हें ग्राम पंचायत भरीथल की चौधर की जिम्मेदारी सौंपकर गांव की सरकार का मुखिया चुना है। खास बात यह है कि भरीथल ग्राम पंचायत के इतिहास में पहली बार किसी बेटी को सरपंच बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और उनकी सफलता को ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
ग्राम पंचायत भरीथल के अंतर्गत आने वाले भरीथल, मूडिया, नंगला भबूरी गांवों के मतदाताओं ने वर्षा भारती पर भरोसा जताते हुए उन्हें सरपंच पद पर विजयी बनाया। चुनाव में वर्षा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी महिला प्रत्याशी प्रियंका को 373 मतों के अंतर से पराजित किया। करीब 1900 की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में एक युवा बेटी को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*पढ़ाई के साथ गांव की जिम्मेदारी संभालेंगी वर्षा*
वर्षा भारती वर्तमान में एमए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी संभालने जा रहीं वर्षा के सामने अब गांव के विकास, ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की चुनौती होगी। उनकी कम उम्र और शिक्षा को ग्रामीणों ने नई सोच तथा विकास की नई उम्मीद के रूप में देखा है। वर्षा की जीत ने यह संदेश भी दिया है कि बेटियों को अवसर और विश्वास मिले तो वे नेतृत्व के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
*राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से मिलेगा अनुभव*
वर्षा भारती के पिता निरंजन लाल वर्ष 2015 में भाजपा के टिकट पर कठूमर पंचायत समिति से सदस्य रह चुके हैं। वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। वर्षा अपनी जीत का श्रेय ग्रामीणों के समर्थन के साथ परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि और जनसंपर्क को भी देती हैं। उनके पिता का कहना है कि भरीथल की बेटियों ने समय-समय पर अपनी प्रतिभा के दम पर गांव का गौरव बढ़ाया है। ग्रामीणों ने उनकी बेटी को जो मान-सम्मान और विश्वास दिया है, उसके लिए परिवार सदैव आभारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्षा की सफलता प्रदेशभर की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
*बिना भेदभाव गांव के विकास का लिया संकल्प*
नवनिर्वाचित सरपंच वर्षा भारती ने जीत के बाद ग्राम पंचायत के सम्माननीय ग्रामीणों, बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवा साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अपनी बेटी को 373 मतों से विजयी बनाकर जो प्रेम, सम्मान और विश्वास दिया है, वह उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। यह जीत केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत भरीथल की जनता के विश्वास, आशीर्वाद और एकता की जीत है।
वर्षा ने कहा कि वह ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के विकास, जनसेवा और किए गए वादों को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से कार्य करेंगी। उनके लिए प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान, हर समाज का उत्थान और गांव का सर्वांगीण विकास सर्वोपरि रहेगा। वह बिना किसी भेदभाव के सभी को साथ लेकर चलेंगी और ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरने का हरसंभव प्रयास करेंगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का विश्वास उनकी ताकत और उनका आशीर्वाद सबसे बड़ी पूंजी है। गांव का विकास ही उनका संकल्प है। वर्षा की इस जीत ने भरीथल में नई उम्मीद जगाई है। अब ग्रामीणों को भरोसा है कि युवा नेतृत्व के माध्यम से गांव में विकास कार्यों को गति मिलेगी और बेटियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।