बिजोलिया के देव डूंगरी मंदिर विवाद को लेकर लामबंद हुए ग्रामीण

12 बजे तक रहा बाजार बंद, एसडीएम स्वाति झा को सौंपा ज्ञापन|

बिजौलियाँ(दीपक राठौर)|

स्मार्ट हलचल|बिजौलियाँ के देवडूंगरी भीलपुरिया की घाटी स्थित सर्व समाज के सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर वर्ग विशेष द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण एवं कब्जे के प्रयास को रोककर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा माता बांक्या रानी मंदिर निर्माण में उत्पन्न की जा रही बाधा के संबंध में बिजोलिया के सर्व समाज ने विरोध प्रदर्शन करते हुए एसडीम को ज्ञापन सौंपा |ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों का कहना है कि देवडूंगरी भीलपुरिया की घाटी में स्थित सार्वजनिक धार्मिक स्थल प्राचीनकाल से सर्व समाज की आस्था का केंद्र रहा है। इस स्थल पर भगवान श्री देवनारायण मंदिर, हनुमान जी मंदिर, अन्य देवी-देवताओं के चबूतरे तथा माता बांक्या रानी का स्थान स्थित है। उक्त सभी धार्मिक निर्माण, विकास एवं जीर्णोद्धार का कार्य समय-समय पर सर्व समाज के सहयोग एवं जनसहभागिता से किया गया है। यह स्थल किसी एक व्यक्ति, परिवार या वर्ग विशेष का न होकर सर्व समाज का सार्वजनिक धार्मिक स्थल है।

भगवान देवनारायण मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था हेतु तत्कालीन राजपरिवार द्वारा सुर्तनिया परिवार को सेवायत (पुजारी) के रूप में नियुक्त किया गया था। उक्त नियुक्ति केवल पूजा-अर्चना एवं धार्मिक सेवाओं के निर्वहन के लिए थी। इससे मंदिर अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी प्रकार का स्वामित्व या कब्जे का अधिकार उत्पन्न नहीं होता।

वर्तमान में कुछ व्यक्तियों द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन के नाम का सहारा लेकर उक्त सार्वजनिक धार्मिक स्थल एवं उससे संबंधित भूमि पर निजी अधिकार स्थापित करने तथा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही माता बांक्या रानी के मंदिर के निर्माण में भी अनावश्यक बाधा उत्पन्न की जा रही है। यदि यह सार्वजनिक भूमि पर विधिसम्मत निर्माण से संबंधित है, तो ऐसी बाधा सर्व समाज की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करती है तथा भविष्य में शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन होने की आशंका है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि उक्त सार्वजनिक धार्मिक स्थल की राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जाँच एवं सीमांकन कराया जाए।

यदि किसी व्यक्ति, संस्था या वर्ग विशेष ‌द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण अथवा कब्जे का प्रयास किया जा रहा हो, तो उसे तत्काल हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।

सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर स्थित भगवान श्री देवनारायण मंदिर,हनुमानजी मंदिर, अन्य चबूतरों एवं माता बांक्या रानी के स्थान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
माता बांक्या रानी के मंदिर के निर्माण से संबंधित विवाद की निष्पक्ष जाँच कर, यदि निर्माण विधि एवं नियमों के अनुरूप अनुमेय हो, तो अनावश्यक बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।

भविष्य में उक्त सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे, निर्माण अथवा शांति भंग की स्थिति को रोकने हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्यवाही की जाए।

अतः न्यायहित, जनहित एवं सर्व समाज की धार्मिक आस्था को दृष्टिगत रखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की जाएं ।

एसडीएम स्वाति झा कहना है कि –
कल भी दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश की गई दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने का आश्वासन भी दिया किसी भी नए निर्माण के लिए जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी आवश्यक है |