जय भीम के गगनभेदी नारों से गूंजा बोराणा, प्रतिभाओं के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब

बाबा रामदेव मित्र मंडल (रेगर समाज) बोराणा द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिभा सम्मान समारोह बना सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और सम्मान का ऐतिहासिक मंच

किशन खटीक/
रायपुर17 मई |स्मार्ट हलचल|उपखंड क्षेत्र के बोराणा गांव में बाबा रामदेव मित्र मंडल (रेगर समाज) बोराणा द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिभा सम्मान समारोह सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और प्रतिभाओं के सम्मान का ऐतिहासिक आयोजन बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत जय भीम के गगनभेदी नारों के साथ हुई, जिससे पूरा पांडाल सामाजिक चेतना और उत्साह से गूंज उठा। समारोह में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान कर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों में भी गर्व का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नरेंद्र रेगर विधायक प्रत्याशी शाहपुरा-बनेड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवराज सिंह बाड़ी प्रधान पंचायत समिति रायपुर ने की। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में ज्ञानचंद खटीक अध्यक्ष डा भीमराव अम्बेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में गोपीलाल सालवी (शेरा) सरपंच प्रतिनिधि बोराणा, नाथु लाल रेगर चौखला अध्यक्ष रेगर समाज, मुकेश सालवी रायपुर, नारायण लाल रेगर, लोकेश रेगर, मनीष रेगर एवं प्यारेलाल रेगर , मांगीलाल रेगर, गंगाराम रेगर,भैरुलाल रेगर,पवन सालवी ईकाई अध्यक्ष डा भीमराव अम्बेडकर युवा संगठन पालरा, रोशनलाल रेगर उपस्थित रहे।
समारोह में पहुंचे सभी अतिथियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं साफा बंधवाकर भव्य स्वागत किया गया। मंच पर समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में सामाजिक एकता, भाईचारा और शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महान समाज सुधारकों एवं शिक्षाविदों के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख एवं भारत रत्न संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया था। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज में शिक्षा का दीपक जलता है तभी समानता, सम्मान और अधिकारों की रोशनी फैलती है। सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख ने महिलाओं एवं वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, वहीं ज्योतिबा फुले ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का संदेश देकर करोड़ों लोगों को आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि नरेंद्र रेगर ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले कल के डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, अधिकारी और समाज सुधारक बनेंगे। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिवराज सिंह बाड़ी ने कहा कि समाज की असली ताकत शिक्षा और एकता में होती है। उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। अतिविशिष्ट अतिथि ज्ञानचंद खटीक ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना ही सच्ची समाज सेवा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के विचारों को अपनाकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के माध्यम से अपने माता-पिता एवं समाज का नाम रोशन करने की प्रेरणा दी।
समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम के दौरान जय भीम एवं समाजिक एकता के नारों से पूरा वातावरण ऊर्जावान बना रहा। महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा, समानता और जागरूकता के ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहे और समाज निरंतर प्रगति की ओर बढ़ता रहे।