कार्बन रजिस्ट्री इंडिया के अंतर्गत पिपलंत्री वृक्षारोपण परियोजना का दो दिवसीय वैलिडेशन संपन्न

उदयपुर/पिपलांत्री, 29 जुलाई।स्मार्ट हलचल|वीकेयू सरटीफिकेशन प्रा लि द्वारा कार्बन रजिस्ट्री इंडिया (CRI) के अंतर्गत पंजीकरण हेतु पिपलांत्री ट्री प्लांटेशन प्रोजेक्ट का दो दिवसीय ऑन-साइट वैलिडेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। ऑनसाइट वेरिफिकेशन के दौरान कार्बन क्रेडिट पॉइंट हेतु चयनित विभिन्न वृक्षारोपण स्थलों का सैंपल प्लॉट पद्धति द्वारा पौधों की प्रजाति वार गणना कर भौतिक सत्यापन किया गया। साथ ही ऑडिट टीम द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं उपलब्ध डाटा के आधार पर पूर्व में प्रेषित कार्बन क्रेडिट प्रस्ताव को जांचा गया।

वैलिडेशन के दौरान परियोजना दस्तावेजों की समीक्षा, हितधारकों से संवाद, परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण, जीआईएस एवं परियोजना सीमा का सत्यापन, मॉनिटरिंग प्रणाली का मूल्यांकन तथा प्रतिनिधि वृक्षारोपण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया जहां चंदन, जामुन, शीशम, सीताफल, अंजीर, आम, नीम सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियाँ सम्मिलित थीं। मौके पर डाले गए सैंपल प्लॉट के निरीक्षण के दौरान पौधों की प्रजातियां , वर्तमान स्थिति, घनत्व तथा परियोजना के लाभों से स्थानीय जनता को अवगत कराया। परियोजना दस्तावेजों की समीक्षा , हित धारकों के साथ साक्षात्कार , परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण तथा उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया गया।
इस अवसर पर पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल ने पंचायत पिपलांत्री में कार्बन क्रेडिट परियोजना की अवधारणा एवं क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए वैलिडेशन टीम को परियोजना क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कराया।

बैठक में ग्रीन पीपल समिति के सदस्य सुहेल मजबूर ने कार्बन क्रेडिट परियोजना के प्रबंधन , ग्राम पंचायत स्तर पर वांछित रिकॉर्ड संधारण , स्थानीय समुदाय से पौधों के संरक्षण एवं उनके रखरखाव पर तकनीकी बिंदुओं पर चर्चा की । उन्होंने पिपलांत्री में कराए गए जल संरक्षण कार्यो पर विशेष प्रकाश डालते हुए बताया कि जल संरक्षण हेतु इस पंचायत में विभिन्न स्तर पर चेक डैम एवं एनिकट बनाए गए हैं जिनके प्रभाव से भूजल स्तर में अच्छी बढ़ोतरी हुई है । तथा मोरवाड़ ग्राम में जहां पिछले वर्षों तक टैंकरों से ग्राम वासियों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा था अब वहां बनाई गयी जल संरक्षण संरचनाओं से कुओं का भू जलस्तर बढ़ गया है जिससे इस वर्ष एक भी टैंकर पानी का इस ग्राम में किराए पर नहीं लिया गया है जोकि पर्यावरण सुधार में बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस वर्ष भी पीपलांतरी पंचायत में जल संरक्षण हेतु विभिन्न स्थलों पर जल एवं मृदा संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
इस अवसर पर ग्रीन पीपल समिति के प्रो इन्द्रजीत माथुर, प्रताप सिंह , जगमाल सिंह एवं टेराब्लू क्लाइमेट टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. से प्रदीप मोटवानी एवं आशीष प्रकाश, तथा वीकेयू सर्टिफिकेशन की ओर से निहारिका कौशिक (टीम लीडर), बरुण शर्मा (तकनीकी विशेषज्ञ), कोमल यादव एवं राधिका गुसाईं उपस्थित रहे।
समापन बैठक में वैलिडेशन टीम ने दो दिवसीय गतिविधियों का सार प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि अंतिम वैलिडेशन निष्कर्ष आवश्यक तकनीकी समीक्षा एवं उपलब्ध कराए जाने वाले अतिरिक्त साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत जारी किए जाएंगे।