भीलवाड़ा (स्मार्ट हलचल)। सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता पाने और हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भीलवाड़ा पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में साइबर सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी रखते हुए 5 ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जो हथियारों के साथ फोटो-वीडियो डालकर अपराध को बढ़ावा दे रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 4 युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला को पाबंद किया है।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर यूं करते थे ‘हवाबाजी’
पुलिस की साइबर सेल की निगरानी में सामने आया कि ये लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आपराधिक प्रवृत्ति के गीतों के साथ रील और वीडियो अपलोड करते थे। आमजन में खौफ पैदा करने और खुद की झूठी शान बघारने के लिए ये नकली हथियारों को असली बताकर प्रदर्शित करते थे। कई बार ये लाइसेंसधारी व्यक्तियों से हथियार मांगकर भी फोटो-वीडियो शूट करते थे, जिससे युवा वर्ग नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है।
4 थानों की पुलिस ने की कार्रवाई, महिला भी पाबंद
इस इनपुट के आधार पर आसींद, करेड़ा, रायला और सुभाष नगर थाना पुलिस ने 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कैलाश गुर्जर (सांगनी), सुरेश गुर्जर (सरेडी), गोपाल गुर्जर (कुवाड़ा) और मांगीलाल गुर्जर (जसोरिया) शामिल हैं। वहीं, बड़लियास थाना पुलिस ने इस तरह की गतिविधियों में लिप्त एक महिला को पाबंद किया है। इस ट्रैकिंग में साइबर सेल भीलवाड़ा के सउनि आशीष कुमार, हेड कांस्टेबल समर्थ आचार्य और कांस्टेबल छोटू लाल रेबारी का विशेष योगदान रहा।
एसपी की सख्त चेतावनी: खिलौना हथियार लहराना भी अपराध
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। लोकप्रसिद्धि या दहशत के उद्देश्य से हथियारों का प्रदर्शन करना (असली हो या नकली) अपराध की श्रेणी में आता है।
पुलिस द्वारा ऐसे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की सतत निगरानी की जा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों के विरुद्ध सख्त और निरंतर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
