‘जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी’— चैनसिंह राठौड़
वंदे गंगा अभियान के तहत कोटा दुग्ध संघ में स्वच्छता और जल संरक्षण का संकल्प
कोटा।स्मार्ट हलचल।वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान—2026 के अंतर्गत कोटा दुग्ध संघ में स्वच्छता एवं जल संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। अभियान का उद्देश्य जल बचत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वच्छ और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देना है। अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने सभी अधिकारी व कर्मचारियों को जल सरंक्षण की शपथ दिलाई।
दुग्ध संघ अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ ने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि जल संकट की बढ़ती चुनौतियों के बीच प्रत्येक नागरिक और संस्था का दायित्व है कि पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाए।
प्रबंध संचालक दिलखुश मीणा ने कहा कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानकर व्यवहारिक परिवर्तन के रूप में अपनाया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं एवं संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान को धरातल पर उतारने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत दुग्ध संघ प्लांट एवं संघ भवन की व्यापक सफाई, नालियों और मैदानों की स्वच्छता, सूखे एवं गीले कचरे का पृथक्करण, नए कचरा पात्रों की स्थापना तथा पुराने अभिलेखों की सुरक्षित छंटाई जैसे कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे।
