– ग्रामीणों में आक्रोश-विरोध स्वरूप बूंदी लौटाई; वार्ड पंच पर अभद्र व्यवहार के आरोप
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/पीपलू। स्मार्ट हलचल|स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उपखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय राधाकिशनपुरा में विद्यार्थियों के लिए वितरित की जाने वाली प्रसादी को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए 10 किलो बूंदी आवंटित की गई थी, लेकिन मौके पर केवल 2 किलो बूंदी ही पहुंची। प्रसादी की मात्रा में कथित कमी को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया।
*10 किलो की जगह 2 किलो बूंदी पहुंचने का आरोप*
ग्रामीणों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के लिए ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय के बच्चों के लिए प्रसादी के रूप में 10 किलो बूंदी आवंटित की गई थी।आरोप है कि पंचायत प्रशासक द्वारा यह बूंदी, गांव के ही एक वार्ड पंच को सुपुर्द की गई थी। राष्ट्रीय पर्व का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब बच्चों को प्रसादी वितरित करने की तैयारी हुई तो मौके पर केवल 2 किलो बूंदी ही उपलब्ध मिली।
*ग्रामीणों ने जताया विरोध-बूंदी प्रसादी पंचायत भवन लौटाई*
प्रसादी (बूंदी) की मात्रा में कथित कमी देखकर विद्यालय परिसर में मौजूद अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पंचायत प्रशासन को दी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने विरोध जताया और उपलब्ध 2 किलो बूंदी पंचायत भवन वापस भिजवा दी। ग्रामीणों के मुताबिक बाद में पंचायत की ओर से प्रसादी (बूंदी) दोबारा विद्यालय भेजी गई, लेकिन ग्रामीणों ने फिर इसका विरोध किया। आरोप है कि संबंधित वार्ड सदस्य प्रसादी (बूंदी) वापस उठाकर अपने घर ले गया। इस दौरान ग्रामीणों ने वार्ड सदस्य पर अभद्र व्यवहार एवं अपशब्दों के प्रयोग का भी आरोप लगाया है।
*प्रधानाध्यापक एवं ग्रामीणों ने की शिकायत*
मामले को लेकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय राधाकिशनपुरा के प्रधानाध्यापक पूरणमल बैरवा एवं ग्रामीणों ने रोष जताते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है।शिकायत पर अजय गुर्जर, नन्दराम, छोटू, मदन लाल, पन्नालाल एवं भैंरु गुर्जर सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर बताए गए हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बूंदी की वास्तविक आपूर्ति एवं वितरण का रिकॉर्ड जांचने तथा यदि आवंटित सामग्री में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, वार्ड सदस्य अथवा पंचायत प्रशासन का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
