अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।नानक वंश के अष्टम पट्टधर, परम पूज्य आचार्य 1008 श्री सुदर्शन लाल जी म.सा. का ब्यावर नगरी में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। पूज्य आचार्य श्री सोहनलाल जी म.सा. की पावन निश्रा में विचरण कर रहे आचार्य श्री की अगवानी के लिए अजमेरी गेट पर सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्त उपस्थित रहे।”मां भवरी के लाल की, जय सुदर्शन लाल की” के गगनभेदी नारों और गाजे-बाजे के साथ ब्यावर श्री संघ के श्रावकों ने आचार्य श्री को बीरद भवन में प्रवेश करवाया। कार्यक्रम की शुरुआत में श्री सकल प्राज्ञ महिला मंडल ने सुमधुर मंगलाचरण की प्रस्तुति देकर आचार्य श्री से आशीर्वाद लिया।
सदाचार से ही आंतरिक मजबूती संभव: आचार्य श्री बीरद भवन में आयोजित धर्मसभा में उपस्थित जनमेदिनी को संबोधित करते हुए आचार्य सुदर्शन लाल जी म.सा. ने कहा कि वर्तमान समय में भ्रष्टाचार समाज में शिष्टाचार का रूप लेता जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। हमें इस कुप्रवृत्ति को त्यागकर सदाचार को अपनाना होगा।
उन्होंने मार्मिक संदेश देते हुए फरमाया कि भ्रष्टाचार का साथ बहुत जल्दी मिल जाता है, लेकिन वह मनुष्य को भीतर से खोखला कर देता है। इसके विपरीत, सदाचार का मार्ग कठिन जरूर है, पर यह इंसान को अंदर से मजबूत और सच्चा इंसान बनाता है। आचार्य श्री ने प्रबुद्धजनों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपकी पहुंच और पकड़ देश के संविधान को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उसकी मजबूती से पालना करने के लिए होनी चाहिए।
विभिन्न श्री संघों ने किए दर्शन, चातुर्मास की अर्जियां लगाईं
इस भव्य मंगल प्रवेश के साक्षी बनने के लिए अजमेर, विजयनगर, मसूदा, भीलवाड़ा, कंवलियास, बांदनवाड़ा, नसीराबाद, किशनगढ़, मकराना, रिया, सरवाड़, थांवला, पीसांगन, बड़ा महुआ, जहाजपुर, केकड़ी और बड़ी पादु सहित अनेक क्षेत्रों के जैन संघ ब्यावर पहुंचे और आचार्य श्री के दर्शन-वंदन किए।
इस दौरान अजमेर श्री संघ की ओर से कैलाश गेलड़ा ने चातुर्मास से पूर्व अजमेर पधारने की भावभीनी विनती रखी। वहीं, विजयनगर श्री संघ के महामंत्री ज्ञान सिंह सांखला ने चातुर्मास के बाद विजयनगर पधारने का आग्रह किया।
यह रहेगी प्रवचन और प्रवास की व्यवस्था
ब्यावर श्री संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य श्री के नियमित प्रवचन प्रतिदिन प्रातः 08:30 बजे से बीरद भवन में आयोजित होंगे।
आचार्य श्री का प्रवास स्थल: गांधी आराधना भवन
महासती जी म.सा. का प्रवास स्थल: अरिहंत भवन
ये रहे उपस्थित:
इस ऐतिहासिक मंगल प्रवेश के अवसर पर डॉ. के.सी. चौधरी, जसवन्त बाबेल, मोहित काठेड, नरेंद्र डोसी, सुनील काठेड, महावीर नाहर, मुकेश बाफना, पूनम भंसाली, आशीष डोसी, अमित बाबेल, सम्पत बांठिया, महेन्द्र कोठारी, नवलेश बुरड, निखिल बोहरा सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और गुरुभक्त उपस्थित रहे।
