डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने झुंझुनूं में ली अपराध समीक्षा बैठक

आगामी नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश*

जयपुर, 3 सितम्बर।स्मार्ट हलचल|महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने गुरुवार को झुंझुनूं के रिजर्व पुलिस लाईन सभागार में जिले की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में आईजी राहुल प्रकाश, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप, जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर सहित जिले के पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस महानिदेशक द्वारा परिवादियों के साथ सदैव विनम्र एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित करने, पुलिस थानों के स्वागत कक्षों में साफ-सफाई के साथ बिजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर एवं सक्रिय अपराधियों पर पूर्ण निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध प्रभावी एवं नियमानुसार कार्रवाई करने, आगामी नगरीय निकाय चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने देने के लिए प्रभावी सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सीएलजी एवं युवा सीएलजी सदस्यों के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

*आसूचना तंत्र अपडेट रखने के निर्देश :*

डीजीपी ने प्रत्येक गांव एवं मोहल्ले की आपराधिक गतिविधियों तथा पीड़ित व्यक्तियों से संबंधित जानकारी को अपडेट रखने, आसूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने, यातायात व्यवस्था में सुधार एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रभावी प्रयास करने तथा आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

*सीएलजी सदस्यों से किया संवाद:*

बैठक उपरांत पुलिस थाना सदर झुंझुनूं में युवा सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस एवं आमजन के बीच बेहतर समन्वय, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन स्थित सभागार परिसर में पौधारोपण किया गया।

*सदर थाने का किया निरीक्षण:*

इस दौरान पुलिस महानिदेशक द्वारा पुलिस थाना सदर झुंझुनूं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने थाना परिसर, स्वागत कक्ष, हवालात, मालखाना एवं कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण तथा आमजन को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने थाने पर आने वाले परिवादियों के साथ संवेदनशीलता एवं शालीनता से व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण एवं सक्रिय अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।