​दांता सीएचसी को उप-जिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने की मांग हुई तेज, युवाओं को मिला जनप्रतिनिधियों का समर्थन

सुरेश नेमीवाल

​दांतारामगढ़ (सीकर)। स्मार्ट हलचल|दांता नगरपालिका क्षेत्र स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप-जिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। दांता नगरपालिका और आसपास की पंचायतों के युवाओं व नागरिकों ने हर पंचायत में जाकर इस जनहितैषी मांग के लिए समर्थन जुटाया है। इस संबंध में युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बैनर और मुख्य मांगों के ज्ञापन के साथ जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी।
​जानकारी के अनुसार दांता क्षेत्र के आसपास लगभग 25 किलोमीटर के दायरे में कोई भी उप जिला अस्पताल नहीं है। सीकर जिले का यह सुदूर इलाका होने के कारण यहाँ आवागमन के साधन भी अपर्याप्त हैं। वर्तमान में बढ़ती जनसंख्या और विस्तृत क्षेत्रफल के दबाव को देखते हुए दांता सीएचसी को क्रमोन्नत करना बेहद जरूरी हो गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के करीब 3 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। दांता नगरपालिका और आसपास की लगभग 30 से 35 ग्राम पंचायतों की 3 लाख से अधिक की आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। दांतारामगढ़ और आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। मरीजों को इलाज के लिए सीकर या जयपुर जाना पड़ता है। वर्तमान में ‘राइट टू हेल्थ’ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बढ़ते कदमों को देखते हुए दांता में उप-जिला अस्पताल का होना अत्यंत आवश्यक है।

सीकर सांसद कॉमरेड अमराराम ने कहा कि अन्य सभी एसडीएम मुख्यालयों पर उप जिला अस्पताल बन चुके हैं, जबकि केवल दांता सीएचसी ही इससे वंचित है। दांता सीएचसी से गंभीर मरीजों को सीकर के श्री कल्याण अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और बार-बार मरीज रेफर करने की समस्या से मुक्ति के लिए इस सीएचसी को तुरंत उप जिला अस्पताल का दर्जा दिया जाए।

​विधानसभा सत्र और बजट में उठेगा मुद्दा

​प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि यह मांग पूरी तरह जनहित में है। आगामी राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान स्थानीय विधायक वीरेंद्र सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री और सरकार से आगामी बजट में दांता सीएचसी को उप-जिला अस्पताल के रूप में क्रमोन्नत करने की घोषणा करने का आग्रह किया जाएगा।

मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से अपील

​पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने केंद्र की ‘आयुष्मान भारत’ योजना और राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं क्षेत्रवासियों का अधिकार हैं। संवेदनशील राज्य सरकार को जनता की इस पीड़ा को समझते हुए दांता सीएचसी को तुरंत प्रभाव से उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नत करने का आदेश जारी करना चाहिए।

भाजपा नेता गजानंद कुमावत को अभियान के तहत मुलाकात कर प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। भाजपा नेता गजानंद कुमावत ने इस मांग का पूर्ण समर्थन करते हुए इसे सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से गुहार लगाई है कि बजट और जनहित को ध्यान में रखते हुए दांता सीएचसी को जल्द से जल्द उप-जिला अस्पताल में क्रमोन्नत किया जाए ताकि क्षेत्रीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

सीकर सांसद अमराराम, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती व भाजपा नेता गजानंद कुमावत ने दांता सीएचसी को उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नत को लेकर अनुशंसा पत्र लिखें।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पाना उनका अधिकार है और जब तक दांता में यह मांग पूरी नहीं होती, उनका प्रयास जारी रहेगा।

3 लाख से अधिक आबादी होगी लाभान्वित

​प्रतिनिधिमंडल के वक्ताओं ने कहा कि दांता क्षेत्र के आसपास लगभग 25 किलोमीटर के दायरे में कोई भी उप जिला अस्पताल नहीं है। सीकर जिले का यह सुदूर इलाका होने के कारण यहाँ आवागमन के साधन भी अपर्याप्त हैं। वर्तमान में बढ़ती जनसंख्या और विस्तृत क्षेत्रफल के दबाव को देखते हुए दांता सीएचसी को अपग्रेड करना बेहद जरूरी हो गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के करीब 3 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

व्यापक समर्थन अभियान : दांता नगरपालिका और आसपास की पंचायतों के युवाओं व नागरिकों ने हर पंचायत में जाकर इस जनहितैषी मांग के लिए समर्थन जुटाया है।

​स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी : दांतारामगढ़ और आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्र में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। मरीजों को इलाज के लिए सीकर या जयपुर जाना पड़ता है।

राज्य ​सरकार से अपील : जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से अपील की है कि बजट और जनहित को ध्यान में रखते हुए दांता सीएचसी को जल्द से जल्द उप-जिला अस्पताल में क्रमोन्नत किया जाए ताकि क्षेत्रीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

प्रमुख मांगें :

• ​विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति : विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की जाए।
• ​24×7 आपातकालीन सेवाएं : दांता सीएचसी में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
• ​बेडों की संख्या में वृद्धि : अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 100+ बेड की जाए।
• ​मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं : महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हों।
• ​जांच एवं आधुनिक उपकरण : डिजिटल एक्स-रे, आधुनिक लैब, पैथोलॉजी सुविधाएं तथा आईसीयू की व्यवस्था हो।
• ​डायलिसिस की सुविधा : स्थानीय स्तर पर ही मरीजों के लिए डायलिसिस मशीन स्थापित की जाए।