छह ग्राम पंचायतों को यथावत उनियारा में रखने की मांग-प्रबुद्धजनों ने बैठक कर तय की आगामी रणनीति,

रानीपुरा, कचरावता, बिलासपुर, रतनपुरा, फुलेता और बोसरिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी; समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|उनियारा क्षेत्र की रानीपुरा, कचरावता, बिलासपुर, रतनपुरा, फुलेता एवं बोसरिया ग्राम पंचायतों को पुनः उनियारा क्षेत्र में यथावत रखने की मांग को लेकर प्रबुद्धजनों एवं ग्रामीणों की बैठक शुक्रवार को ढिकोलिया में हाईकोर्ट एडवोकेट लाखनसिंह मीणा के स्थानीय कार्यालय पर आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए आगामी रणनीति को लेकर निर्णय लिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि उक्त ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को विभिन्न प्रशासनिक एवं सरकारी कार्यों के लिए वर्तमान व्यवस्था के तहत करीब 100 किमी दूर स्थित देवली उपखण्ड कार्यालय तक जाना पड़ता है। जबकि उनियारा उपखण्ड की दूरी महज 15 से 20 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के अनुसार इससे उन्हें समय, धन एवं श्रम की अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय भौगोलिक स्थिति एवं जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए इन ग्राम पंचायतों को पुनः उनियारा से जोड़ने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि रानीपुरा, कचरावता, बिलासपुर, रतनपुरा, फुलेता एवं बोसरिया की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर लंबे समय से समस्याएं सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस मामले का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
*समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति*
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि मांग का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो उपखंड एवं जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद व्यापक स्तर पर ग्रामीणों की बैठक आयोजित कर संघर्ष समिति का गठन कर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन अथवा विरोध करना नहीं, बल्कि संबंधित गांवों के लोगों के प्रशासनिक कार्यों को स्थानीय स्तर पर सुगम एवं सुविधाजनक बनाना है। मांग का समाधान नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करने की बात कही गई। बैठक में मौजूद प्रबुद्धजनों एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से छहों ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय सुविधा एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए उनियारा क्षेत्र में यथावत रखने की मांग की।