अनुशासनहीनता के आरोपों पर देवराज जटिया को संगठन के सभी पदों से किया मुक्त

चित्तौड़गढ़। स्मार्ट हलचल|अखिल भारतीय बैरवा समाज के प्रदेश नेतृत्व ने हाल ही में चित्तौड़गढ़ जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए गए देवराज जटिया को संगठन की रीति-नीति के विरुद्ध कार्य करने एवं अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते जिलाध्यक्ष सहित संगठन के सभी दायित्वों से आजीवन मुक्त कर दिया है।प्रदेश कार्यालय प्रभारी एडवोकेट शोभालाल बैरवा ने बताया कि कपासन तहसील के भंवरकिया निवासी देवराज जटिया पुत्र मदनलाल जटिया को अखिल भारतीय बैरवा समाज के जिलाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया था। प्रदेश कार्यालय के अनुसार समाज के प्रभावी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य लोगों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह सामने आया कि जटिया द्वारा प्रदेश नेतृत्व की अनुमति के बिना जिला कार्यकारिणी का विस्तार किया जा रहा था तथा शुल्क लेकर लोगों को मनोनीत किया जा रहा था।प्रदेश कार्यालय प्रभारी के अनुसार संगठन की रीति-नीति में पदाधिकारियों द्वारा निःशुल्क एवं निःस्वार्थ भाव से कार्य करना निर्धारित है। आरोप है कि कारण बताओ नोटिस के संबंध में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, अपशब्द एवं धमकियां देने की शिकायत भी सामने आई।

इन शिकायतों और आरोपों के आधार पर प्रदेश नेतृत्व ने जटिया द्वारा गठित जिला कार्यकारिणी को फर्जी घोषित करते हुए भंग कर दिया। साथ ही देवराज जटिया को जिलाध्यक्ष पद सहित संगठन के सभी पदों एवं समस्त दायित्वों से आजीवन निष्कासित किए जाने का निर्णय लिया गया।

नोट: अनुशासनहीनता, कार्यकारिणी विस्तार, शुल्क लेने तथा अभद्र व्यवहार संबंधी बातें संगठन के प्रदेश कार्यालय प्रभारी द्वारा जारी जानकारी/आदेश के अनुसार आरोप के रूप में दी गई हैं।