मानसिक परेशानी पर चुप्पी नहीं, संवाद जरूरी विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला आयोजित, एएनएम छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली

अनिल कुमार खींची

ब्यावर । स्मार्ट हलचल|विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस वर्ष की थीम “Changing the Narrative on Suicide” और संदेश “Start the Conversation” रखा गया है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत ने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद और भावनात्मक परेशानी को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। ऐसे विषयों पर खुलकर बातचीत करना और जरूरतमंद व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग के साथ परिवार और समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
राजकीय अमृतकौर जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार की आवश्यकता बताई। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध भार्गव ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और चेतावनी संकेतों की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 अथवा 1-800-891-4416 पर निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है।
कार्यशाला के बाद एएनएम ट्रेनिंग सेंटर से अमृतकौर जिला चिकित्सालय के एमसीएच विंग तक जागरूकता रैली निकाली गई। डॉ. संजय गहलोत एवं डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में एएनएम छात्राओं एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों ने मानसिक स्वास्थ्य, तनाव एवं अवसाद की समय पर पहचान तथा सहायता लेने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एसीएमएचओ डॉ. लोकेश कुमावत, डीपीएम वाजिद अख्तर, प्राचार्य बीना चेरियान, नर्सिंग ट्यूटर राकेश शर्मा व राहुल शर्मा, लैब टेक्नीशियन विजय कुमार त्रिपाठी, मो. मजूर खान सहित एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राएं मौजूद रहीं।