डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष समिति ने छात्र आंदोलन की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के हितों की सुरक्षा की उठाई मांग

दिलखुश मोटीस

सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल|डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष समिति सावर के तत्वावधान में शनिवार को युवाओं के हितों की रक्षा, परीक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम केकड़ी उपखंड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में समिति ने कहा कि देशभर के बेरोजगार युवाओं और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनाया जाना आवश्यक है। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि छात्रों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
समिति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने, संसद में पेपर लीक प्रकरणों एवं छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा कराने तथा शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की। साथ ही आंदोलन में शामिल छात्रों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की मांग भी उठाई।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष घनश्याम, संरक्षक सूरजकरण माला, पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण कोली, सचिव विनोद पवार, कोषाध्यक्ष कालूराम रेगर, मार्गदर्शक उम्मेद सिंह दीदावत, छोटूलाल पवार, मनोज कुमार टांक सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।