नीट-जेईई अभ्यर्थियों के लिए राहत, एक विषय की परीक्षा देकर पूरी होगी पात्रता
एनआईओएस से एक विषय में परीक्षा देकर बचा सकते हैं पूरा शैक्षणिक वर्ष : के.एल. गुप्ता
एक विषय में फेल होने पर भी नहीं होगा पूरा साल खराब : के.एल. गुप्ता
ओपन स्कूलिंग से लाखों विद्यार्थियों को मिल रही नई दिशा : के.एल. गुप्ता
कोटा।स्मार्ट हलचल।शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) विश्व का सबसे बड़ा ओपन स्कूलिंग बोर्ड है, जो लचीली एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से उन विद्यार्थियों को भी शिक्षा का अवसर उपलब्ध करा रहा है, जो किसी कारणवश नियमित विद्यालयों में अध्ययन नहीं कर सकते। क्षेत्रीय निदेशक के.एल. गुप्ता ने बताया कि एनआईओएस माध्यमिक, वरिष्ठ माध्यमिक, प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत लगभग 67 व्यावसायिक क्षेत्रों में 100 से अधिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करता है। इनकी अवधि छह माह से दो वर्ष तक है, जिससे विद्यार्थी कौशल प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, श्रमिक, कामकाजी युवा, महिलाएं तथा नियमित शिक्षा से वंचित विद्यार्थी एनआईओएस के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। अध्ययन के लिए स्व-अध्ययन सामग्री (सेल्फ लर्निंग मैटेरियल) उपलब्ध कराई जाती है तथा अधिकृत अध्ययन केंद्रों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन भी दिया जाता है।
गुप्ता ने बताया कि यदि कोई विद्यार्थी 12वीं बोर्ड परीक्षा में केवल गणित, रसायन विज्ञान या किसी एक विषय में अनुत्तीर्ण रहता है, तो उसे पूरा वर्ष दोबारा नहीं पढ़ना पड़ता। एनआईओएस के माध्यम से वह केवल उसी विषय की परीक्षा देकर वरिष्ठ माध्यमिक योग्यता पूर्ण कर सकता है। इससे नीट, जेईई एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को समय पर पात्रता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि स्ट्रीम-2 के अंतर्गत किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी भी प्रवेश ले सकते हैं। इस श्रेणी में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है। ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट (टीओसी) सुविधा के तहत पूर्व बोर्ड के अधिकतम दो उत्तीर्ण विषयों का लाभ भी लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि एनआईओएस में प्रवेश शुल्क अत्यंत न्यूनतम है तथा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष शुल्क रियायत दी जाती है। एक बार पंजीकरण होने पर विद्यार्थी पांच वर्ष तक पंजीकृत रहता है और इस अवधि में लगभग नौ अवसरों पर परीक्षा दे सकता है। राजस्थान में वर्तमान में 40 से 50 हजार विद्यार्थी एनआईओएस से जुड़े हैं। राज्य में छह परीक्षा केंद्र तथा कोटा जिले में 36 अधिकृत अध्ययन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
