कोलंबो पहुंचे विदेश सचिव मिसरी ने श्रीलंकाई शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात

कोलंबो।स्मार्ट हलचल|विदेश सचिव विक्रम मिसरी श्रीलंका के एक दिवसीय आधिकारिक दौरे पर कोलंबो पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के बीच समय की कसौटी पर खरे उतरे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना है।
अपनी इस संक्षिप्त लेकिन अत्यंत व्यस्त यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने श्रीलंका के शीर्ष राजनेताओं से मुलाकात की। उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या, विदेश मंत्री विजिता हेराथ और विदेश सचिव अरुनी राणाराजा के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी, डिजिटल गवर्नेंस, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। भारतीय उच्चायोग के अनुसार यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच निरंतर होने वाले उच्च स्तरीय संवाद का हिस्सा है, जो दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाती है।
कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा विदेश सचिव ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। बातचीत आपसी हित के मुद्दों और प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रही, जिसमें श्रीलंका में भारत की मदद से चल रही विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं। उच्चायोग ने कहा बैठक के बाद दोनों पक्षों ने 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारतीय रुपये में तय ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ (एलओसी) से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान किया। यह राशि चक्रवात ‘दितवाह’ के बाद भारत द्वारा दिए गए 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। ये एलओसी चक्रवात के बाद ज़रूरी पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और खरीद की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी।
भारतीय उच्चायोग ने बताया कि मिसरी ने विदेश मंत्री विजिथा हेराथ के साथ बैठक के दौरान प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने अपनी श्रीलंकाई समकक्ष अरुनी राणाराजा के साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों तथा करीबी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश सचिव ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ और ‘विज़न महासागर’ को आगे बढ़ाने में श्रीलंका की केंद्रीय भूमिका पर जोर दिया।
बैठकों के दौरान मिसरी ने दोहराया कि भारत अपने इस संकटमोचक और रणनीतिक पड़ोसी की स्थिरता और आर्थिक सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हाल के वर्षों में श्रीलंका के आर्थिक संकट के समय भारत ने वित्तीय सहायता, ईंधन, दवाइयां और खाद्य सामग्री भेजकर एक सच्चे मित्र की भूमिका निभाई है। चर्चा के दौरान इन मानवीय प्रयासों और आर्थिक सहयोग को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)