पार्सल होल्ड’ का फर्जी मैसेज भेजकर ठगी, एड्रेस अपडेट के नाम पर खाली कर रहे बैंक खाते

इंडिया पोस्ट और कूरियर एजेंसियों के नाम पर साइबर ठग सक्रिय, राजस्थान पुलिस की आर4सी ने जारी की एडवाइजरी*

*फिशिंग लिंक व एपीके फाइल से रहें सावधान, ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत*

अमर चन्द बैरवा

दौसा|इंडिया पोस्ट, स्पीड पोस्ट और नामी कूरियर कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका अपना लिया है। साइबर अपराधी लोगों को एसएमएस, व्हाट्सएप, ई-मेल और फोन कॉल के जरिए संदेश भेजकर बताते हैं कि गलत पता होने के कारण उनका पार्सल होल्ड कर दिया गया है। पार्सल वापस होने से बचाने के लिए लिंक पर क्लिक कर एड्रेस अपडेट करने का झांसा दिया जाता है।महानिदेशक पुलिस राजस्थान के निर्देश पर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा (आर4सी) ने इस संबंध में आमजन के लिए विशेष साइबर एडवाइजरी जारी की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह तथा जिला पुलिस अधीक्षक दौसा पीयूष दीक्षित ने लोगों से ऐसे फर्जी संदेशों और लिंक से सावधान रहने की अपील की है।

*फर्जी लिंक से मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश*

साइबर ठग संदेश के साथ इंडिया पोस्ट या कूरियर कंपनी जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजते हैं। कई मामलों में एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है। इस फाइल को इंस्टॉल करते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी और डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच का खतरा बढ़ जाता है।

इसके बाद ठग एड्रेस अपडेट या पार्सल डिलीवरी के नाम पर 10, 20 या 50 रुपये जैसे मामूली शुल्क का भुगतान करने को कहते हैं। भुगतान के दौरान कार्ड नंबर, सीवीवी, नेट बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी या यूपीआई पिन जैसी जानकारी हासिल कर बैंक खाते से बड़ी रकम निकालने का प्रयास किया जाता है।

*पुलिस ने बताए बचाव के उपाय*

*क्या करें—*

– पार्सल ट्रैक करने के लिए केवल इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें।
– किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका यूआरएल ध्यान से जांचें।
– संदेह होने पर इंडिया पोस्ट के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर 1800-266-6868 पर संपर्क करें।
– मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग की स्थिति समय-समय पर जांचते रहें।
– संदिग्ध नंबरों और संदेशों को ब्लॉक व रिपोर्ट करें।

*क्या न करें—*

– बैंक खाता, कार्ड नंबर, सीवीवी, एटीएम पिन या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
– एड्रेस अपडेट के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक से कोई भुगतान न करें।
– अनजान एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
– किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer जैसे रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।

*ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत*

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है या ठगी का प्रयास किया जाता है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर संपर्क किया जा सकता है। पीड़ित cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ‘पार्सल होल्ड’, ‘एड्रेस अपडेट’ या ‘डिलीवरी कैंसिल होने’ जैसे संदेश मिलने पर घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।