पुनित चपलोत
भीलवाड़ा // नगर निगम द्वारा वार्ड संख्या 24, 25 और 27 में करवाए गए नाला निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ) ने आक्रोश जताया है। प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एडवोकेट कन्हैया लाल रेगर के नेतृत्व में सोमवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने की मांग की गई है।
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि नगर निगम भीलवाड़ा द्वारा इन वार्डों में बरसाती पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण करवाया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य में अत्यधिक घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और नाले की गहराई भी तय मानकों से कम रखी गई। इसके चलते नाले की दीवारें क्षतिग्रस्त होकर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुकी हैं।
ज्ञापन में शिकायत की गई है कि नियमित सफाई न होने के कारण पूरे नाले में पेड़-पौधे उग आए हैं, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह बंद हो चुका है। मोहल्ले की छोटी नालियों की सफाई भी ठप पड़ी है, जिन्हें कचरे से बंद कर दिया गया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि नालियों का गंदा पानी और कीड़े अब लोगों के घरों के भीतर आने लगे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है।
सफाई के अभाव में क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसके साथ ही, नाले के निर्माण में खामियों के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और रोड क्रॉसिंग नाले टूट चुके हैं। इन खुले और टूटे नालों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय छोटे बच्चों, मिनी बसों और ऑटो रिक्शा के लिए यह मार्ग अत्यंत खतरनाक बन चुका है, और कई वाहन चालक
यहां पलटकर चोटिल हो चुके हैं।
