जिले में एपीएल से अंत्योदय में अवैध रूप से बदले गए 546 राशन कार्ड चिन्हित

प्रति यूनिट 5 किलो की जगह 35 किलो गेहूं का लाभ लेने के लिए श्रेणी परिवर्तन का आरोप; नोटिस के साथ खाद्यान्न वसूली की होगी कार्रवाई

भीलवाड़ा, स्मार्ट हलचल।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान, जयपुर से प्राप्त सूची के आधार पर भीलवाड़ा जिले में एपीएल श्रेणी से अंत्योदय अन्न योजना में अवैध रूप से परिवर्तित किए गए 546 राशन कार्ड चिन्हित किए गए हैं। विभाग के अनुसार इन राशन कार्डों की श्रेणी में अनधिकृत तरीके से बदलाव किया गया।प्राप्त सूची के अनुसार संबंधित राशन कार्ड धारकों द्वारा प्रति यूनिट 5 किलोग्राम गेहूं के स्थान पर 35 किलोग्राम गेहूं का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से राशन कार्ड की श्रेणी में यह अवैध परिवर्तन करवाया गया।

546 राशन कार्ड
एपीएल से अंत्योदय श्रेणी में अवैध परिवर्तन के रूप में चिन्हित

546 राशन कार्ड धारकों को जारी होंगे नोटिस

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा सूची में शामिल सभी 546 राशन कार्ड धारकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। साथ ही संबंधित राशन कार्डों की श्रेणी को पुनः परिवर्तित किया जाएगा। विभाग के निर्देशानुसार अब तक प्राप्त किए गए अतिरिक्त खाद्यान्न की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी।

ई-मित्र संचालकों पर भी कार्रवाई की तैयारी

जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि राशन कार्ड की श्रेणी को अवैध रूप से परिवर्तित करने में सहयोग करने वाले ई-मित्र संचालकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को सूचना भेजी जा रही है।

उन्होंने बताया कि राशन कार्डों को अंतिम रूप से स्वीकार करने वाले प्राधिकृत अधिकारियों के संबंध में भी संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है। इनमें जिला रसद अधिकारी, विकास अधिकारी और अधिशासी अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई

  • 546 राशन कार्ड धारकों को नोटिस।
  • राशन कार्डों की श्रेणी पुनः निर्धारित की जाएगी।
  • नियमानुसार अतिरिक्त खाद्यान्न की वसूली होगी।
  • संबंधित ई-मित्र संचालकों की भूमिका की जांच होगी।
  • प्राधिकृत अधिकारियों की भूमिका पर भी कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को लिखा जाएगा।

जिम्मेदारी तय करने की कवायद

विभाग की कार्रवाई केवल राशन कार्ड धारकों तक सीमित नहीं रहेगी। श्रेणी परिवर्तन की प्रक्रिया में यदि किसी ई-मित्र संचालक या प्राधिकृत अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब 546 राशन कार्डों की श्रेणी दोबारा निर्धारित होने के साथ खाद्यान्न की वसूली और कथित अनधिकृत परिवर्तन में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।