(महेन्द्र नागौरी)
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|शहर के कोटा रोड स्थित ईरास से देवछाया विहार कॉलोनी तक जाने वाला 80 फीट मुख्य मार्ग इन दिनों लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नगर विकास न्यास (UIT) द्वारा करोड़ों रुपये की स्वीकृति के बावजूद सड़क का कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से कॉलोनिवासियों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि यह मार्ग ईरास स्टीवर्ड स्कूल से देवछाया विहार, एपीजे अब्दुल कलाम नगर और प्रियदर्शनी नगर सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण जीवनरेखा है, लेकिन आधा निर्माण कर कार्य रोक देने से हालात बदतर हो गए हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढे, उड़ती धूल और टूटे रास्ते के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहीं स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के प्रदेश महामंत्री गोपाल लाल माली ने कई बार यूआईटी में आपत्ति दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद काम का ठप रहना विभागीय लापरवाही और निगरानी की कमी को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि स्वीकृति के बाद भी सड़क अधूरी क्यों है? जिम्मेदार अधिकारी चुप क्यों हैं? क्या आम जनता की समस्याएं प्रशासन के लिए कोई मायने नहीं रखती?
कॉलोनिवासियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।
