अनिल कुमार खींची
ब्यावर । स्मार्ट हलचल|विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान (VBUSS) की ओर से NCERT, नई दिल्ली एवं IUCTE, BHU वाराणसी के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, ब्यावर में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षाविदों ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति एवं गतिविधियों का अवलोकन किया।कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल से डॉ. सौम्यादिप्ता सेन व डॉ. निर्मल कुमार मंडल, पिलानी से शैलेंद्र कुमार पांडे तथा भरतपुर से डॉ. शंकर लाल ने सहभागिता की। दिन की शुरुआत प्रातः 5 बजे जागरण तथा 6 बजे आशापुरा माता मंदिर में दर्शन एवं आरती से हुई। सुबह 7:20 बजे विद्यालय के भैया-बहिनों ने शंख, बिगुल एवं ढोल के साथ घोष प्रदर्शन किया। अनुशासित घोष वादन ने प्रतिभागियों को आकर्षित किया।
इसके बाद प्राथमिक विभाग की वंदना सभा में सहभागिता के पश्चात कक्षा तृतीय से पंचमी तक की कक्षाओं का अवलोकन किया गया। 10:30 बजे संगीत कक्षा एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को समझा गया। प्रतिभागियों ने देखा कि संगीत, लय एवं ताल के माध्यम से विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन एवं संस्कार विकसित किए जा रहे हैं।
दोपहर 12 से 1:15 बजे तक आर्ट एंड क्राफ्ट, चित्रकला एवं कौशल विकास कार्यशाला आयोजित हुई। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा ने प्रतिभागियों को प्रभावित किया। इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के कौशल एवं अनुभवात्मक शिक्षा के उद्देश्यों से जोड़कर देखा गया।
कार्यक्रम में सामुदायिक सहभागिता भी विशेष आकर्षण रही। प्रतिभागियों ने अभिभावकों के घर सहभोज किया तथा विद्यालय प्रबंध समिति के साथ विस्तृत चर्चा की। शैलेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि समाज के सहयोग से विद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र बनता है।
सायं श्री सीमेंट बालाजी मंदिर का देव दर्शन भ्रमण किया गया। इसके बाद आशापुरा माता मंदिर में संध्या वंदन एवं आरती दर्शन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष रमेश चंद्र भराडिया, सचिव हेमेंद्र दगदी, प्रधानाचार्य नवीन कुमार सैनी, सीमा सोलंकी, ममता शर्मा, शोभा कंवर, अर्जुन सिंह एवं नरेंद्र जोशी सहित विद्यालय परिवार के सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया।