ईआरसीपी की बजरी पर स्थानीय लोगों का भी हक, रियायती दर पर उपलब्ध कराने की मांग

ईआरसीपी की बजरी पर स्थानीय लोगों का भी हक, रियायती दर पर उपलब्ध कराने की मांग

मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; पुलिसकर्मियों के तबादले और चारभुजा नाथ धोड़ प्रकरणों की निष्पक्ष समीक्षा की भी उठाई मांग

अलकेश पारीक

जहाजपुर, स्मार्ट हलचल। ईआरसीपी (ERCP) परियोजना के तहत निकलने वाली बजरी स्थानीय नागरिकों को भी नियमानुसार एवं रियायती दर पर उपलब्ध कराने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्थानीय हितों से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि ईआरसीपी परियोजना के तहत जिस प्रकार रॉयल्टी रवन्ना जारी कर बजरी का परिवहन किया जा रहा है, उसी प्रकार स्थानीय नागरिकों को भी उनकी आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार बजरी उपलब्ध कराई जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर बजरी उपलब्ध नहीं होने से मकान निर्माण, मरम्मत, पंचायत स्तरीय विकास कार्य एवं अन्य निर्माण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

निर्धारित दर से अधिक राशि वसूले जाने का आरोप

ज्ञापनकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर बजरी के लिए निर्धारित रॉयल्टी दर से अधिक राशि वसूली जा रही है, जबकि आम नागरिकों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से उचित एवं निर्धारित दर पर बजरी उपलब्ध नहीं हो रही। इससे निर्माण कार्यों की लागत बढ़ रही है और विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार से स्थानीय नागरिकों के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

पांच वर्ष से एक ही स्थान पर कार्यरत पुलिसकर्मियों के तबादले की मांग

ज्ञापन में जहाजपुर तहसील क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग भी उठाई गई। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित कार्मिकों का नियमानुसार तबादला किया जाना चाहिए।

चारभुजा नाथ धोड़ विवाद के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग

ज्ञापन में चारभुजा नाथ धोड़ की सीमा (बाउंड्री) विवाद से जुड़े दर्ज प्रकरणों की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग भी की गई। ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की कि निर्दोष लोगों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं तथा जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से तीनों मांगों पर जनहित में शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर नियमानुसार बजरी उपलब्ध होने से आमजन को आर्थिक राहत मिलेगी तथा क्षेत्र में रुके हुए विकास एवं निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।