पीपलूंद बाईपास निर्माण में चारागाह भूमि से अवैध मिट्टी दोहन का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

जहाजपुर | अवैध खनन | पीपलूंद समाचार

पीपलूंद बाईपास निर्माण में चारागाह भूमि से अवैध मिट्टी दोहन का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सावन टांक के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी क्षत्रपाल सिंह को दी चेतावनी; 50 बीघा से अधिक चारागाह भूमि को पहुंचाया नुकसान, हजारों पेड़ उखाड़े, दोषियों पर कार्रवाई व ठेका निरस्त करने की मांग
विशेष खोजी रिपोर्ट: मोहम्मद आज़ाद नेब (जहाजपुर)

जहाजपुर, 19 जून 2026। ग्राम पीपलूंद के ग्रामीणों ने पीपलूंद बाईपास निर्माण कार्य में चारागाह भूमि से अवैध रूप से मिट्टी दोहन को लेकर सावन टांक के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी क्षत्रपाल सिंह चौधरी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध खनन तुरंत नहीं रोका गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

हजारों पेड़-पौधों को उजाड़ा, शिकायतकर्ताओं को मिल रही धमकियां:

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन बाईपास सड़क के ठेकेदार द्वारा करीब 50 बीघा से अधिक चारागाह भूमि से बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की गई है। इस दौरान हजारों पेड़-पौधों को उखाड़ दिया गया, जिससे पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ग्राम सचिव, पटवारी और तहसीलदार स्तर पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा शिकायतकर्ताओं को धमकियां दी जा रही हैं।

ठेका निरस्त करने और अवैध खनन पर जुर्माना लगाने की मांग:
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी से मांग की है कि चारागाह भूमि से मिट्टी दोहन की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध खनन पर भारी जुर्माना लगाया जाए और ठेकेदार का ठेका निरस्त किया जाए। इसके साथ ही इस अवैध कार्य में सहयोग करने वाले लिप्त अधिकारियों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है।

इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह, मुकेश जाट, अनिल उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रशासन से चारागाह भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले माफियाओं पर लगाम लगाने की पुरजोर वकालत की।