इंटर के छात्र ने पात्रों को योजना लाभ के लिए बनाया निःशुल्क मंच ग्रांटली, बाल पुरस्कार के लिए भी नामांकित

सुनील बाजपेई

  1. कानपुर। स्मार्ट हलचल।किसी भी देश के उज्जवल भविष्य का आधार उसके मेधावी छात्र ही हुआ करते हैं। यहां के ऐसे ही एक बहुत प्रतिभाशाली और मेधावी छात्र का नाम है – विहान झुनझुनवाला, जिसके द्वारा स्थापित निःशुल्क मंच “ग्रांटली” छात्रों, महिलाओं, श्रमिकों समेत सभी पात्र परिवारों को उनकी भाषा में सरकारी योजनाओं एवं छात्रवृत्तियों तक पहुँचाता है, और अब होनहार बिरवान के होत चीकने पात की लोक कहावत को चरितार्थ करते हुए जन सेवा में अग्रणी लोक कल्याणकारी अपने निःशुल्क मंच ग्रांटली के माध्यम से कानपुर का नाम रोशन करने वाले इस छात्र विहान झुनझुनवाला को अब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार हेतु नामांकित भी किया गया है।

जहां तक इस होनहार छात्र विहान झुनझुनवाला की सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने वाले उनके निःशुल्क मंच “ग्रांटली” का सवाल है। यह देश और समाज के हित में बहुत महत्वपूर्ण और लाभदायी इस लिए है ,क्योंकि हर साल करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाएँ अनुपयोगी रह जाती हैं ,क्योंकि ग्रांटली से पहले किसी ने योजनाओं के पात्रों की उनकी भाषा एवं तरीके से नहीं समझाया जो उनके लिए सुलभ हो।

यही वजह है कि सरकारी योजनाओं का लाभ और उसके पात्रों के बीच बहुत बड़ी दूरी है। और इसी दूरी को पाटने के लिए जाने-माने उद्योगपति, व्यवसाई और प्रखर समाज सेवी मयंक झुनझुनवाला के सुपुत्र द दून स्कूल, देहरादून के कक्षा 12 के बहु प्रतिभाशाली छात्र विहान झुनझुनवाला ने इस गर्मी हर किसी मसलन छात्रों, महिलाओं, श्रमिकों एवं सभी परिवारों के लिए जनहित में इस बहु उपयोगी वह भी पूर्ण रूप से निःशुल्क गैर-व्यावसायिक मंच “ग्रांटली” की शुरुआत की, जिसकी हिंदी-प्रथम वेबसाइट पर एक पात्रता-जाँच टूल, एक व्हाट्सऐप हेल्पलाइन, तथा टीम द्वारा कानपुर भर में आयोजित प्रत्यक्ष सत्र भी उपलब्ध हैं। प्रत्येक योजना-तथ्य के साथ उसका आधिकारिक सरकारी स्रोत एवं “अंतिम सत्यापन तिथि” भी जुड़ी है। द दून स्कूल, देहरादून के कक्षा12 के छात्र विहान इसे एक अनिवार्य अनुशासन बताते हैं।

सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में लगातार सफल संस्थापक छात्र विहान एवं प्रशिक्षित छात्र एवं सामुदायिक स्वयंसेवकों की टीम द्वारा संचालित निःशुल्क मंच ग्रांटली 250 लोगों तक पहुँच के रूप में विद्यालयों/महाविद्यालयों में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पंजीकरण पर छात्रवृत्ति-सहायता शिविर,स्वयं सहायता समूह, कौशल-विकास एवं ऋण योजनाओं पर महिला आजीविका कार्यशालाएं,तथा लघु व्यवसायियों हेतु ग्रीन-फाइनेंस एवं एम एस एम योजनाओं समेत कई मोर्चों पर फैला है। जिसके फलस्वरुप अब किसी भी पात्र को सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए सरकारी दफ़्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत ही नहीं है। मतलब सरकारी योजनाओं और पात्रों के बीच जो दूरी है। उसी को पाटने की सफल कोशिश का नाम है – इस बहु प्रतिभाशाली होनहार छात्र विहान झुनझुनवाला की ग्रांटली ,जो न शुल्क लेता है, न ऋण बेचता है, न ही कमीशन लेता है। यह बस केवल उनका स्थान लिए बगैर माई स्कीम एवं राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल जैसे आधिकारिक पोर्टलों तक मार्गदर्शन करता है। फिलहाल होनहार मेधावी छात्र विहान झुनझुनवाला ने सामाजिक सेवा श्रेणी के तहत इस पहल को बच्चों हेतु सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया है।