1952 से निकल रही ब्यावर में असु चंड की विशाल शोभायात्रा, 12 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
अनिल कुमार खींची
ब्यावर। स्मार्ट हलचल ।सिंधी समाज के ईष्टदेव पूज्य झूलेलाल साहब का 72वां असु चंड महोत्सव 11 से 13 अक्टूबर तक कृष्णा मोहल्ला स्थित पूज्य अमरलाल साहब मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। महोत्सव के तहत रविवार रात जागरण होगा, जिसमें राजकोट (गुजरात) के प्रसिद्ध कासम कव्वाल रात 10 बजे से 1 बजे तक अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
नरेंद्र जेसवानी ने बताया कि असु चंड महोत्सव के अवसर पर ब्यावर में निकलने वाली विशाल शोभायात्रा विशेष पहचान रखती है। इसकी शुरुआत वर्ष 1952 में पूज्य बाबा साहब गिरधारी लाल वाधवानी ने की थी। तब से यह परंपरा निरंतर जारी है। महोत्सव के दौरान समाजबंधुओं के बच्चों के मुंडन एवं जनेऊ संस्कार भी संपन्न होंगे।
महोत्सव संयोजक प्रेम वाधवानी ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम होंगे। मेला संयोजक राजा वाधवानी के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर को सुबह 5:15 बजे झूलेलाल साहब का पंचामृत से देव स्नान, आकर्षक श्रृंगार एवं महाआरती होगी। सुबह 11:30 बजे महेश्वरी भवन, पाली बाजार में आम भंडारा आयोजित किया जाएगा।
दोपहर 2 बजे मंदिर प्रांगण में पूज्य बहिराणा साहब की पूजा-अर्चना होगी। इस दौरान पंजड़े गाकर स्तुति की जाएगी तथा सिंधी छेज लगाई जाएगी। शाम 4 बजे मंदिर से विशाल शोभायात्रा रवाना होगी, जो पंडित मार्केट, नगर परिषद मार्ग, अजमेरी गेट, एकता सर्कल, पाली बाजार और चांग गेट होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी।
13 अक्टूबर को होगा महोत्सव का समापन
मंगलवार 13 अक्टूबर को शाम 5 बजे मंदिर प्रांगण में पूज्य बहिराणा साहब का आयोजन होगा। शाम 7:15 बजे महाआरती की जाएगी। रात 10 बजे भुसावल (महाराष्ट्र) के भगत अजय बजाज सिंधी संस्कृति एवं सिंधियत से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। रात 2 बजे पल्लव के बाद प्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन होगा।
रोशनी से जगमगाया अमरलाल मंदिर
असु चंड महोत्सव को लेकर कृष्णा मोहल्ला स्थित पूज्य अमरलाल साहब मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है और पूज्य अमरलाल साहब का मनमोहक श्रृंगार किया गया है। तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर सिंधी समाज में उत्साह का माहौल है।