दर्जा मिला, चुनाव की तारीखें भी घोषित… फिर खजूरी पंचायत समिति का कार्यालय अब तक तय क्यों नहीं?

खजूरी पहले से उप तहसील मुख्यालय, फिर भी 15 सीआर क्षेत्र के लोगों को फॉर्म भरने के लिए जहाजपुर के चक्कर लगाने की मजबूरी!

जहाजपुर अलकेश पारीक

खजूरी।स्मार्ट हलचल|खजूरी को पंचायत समिति का दर्जा मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। इसके लिए क्षेत्र की जनता की ओर से विधायक गोपीचंद मीणा का आभार जताया जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद अब खजूरी क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।लेकिन पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद अब धरातल पर व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पंचायती राज चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, ऐसे में चुनावी प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। खजूरी पहले से ही उप तहसील मुख्यालय है, इसके बावजूद नवगठित खजूरी पंचायत समिति का कार्यालय अभी तक कहां संचालित होगा, यह स्पष्ट नहीं है।

15 सीआर क्षेत्रों के लोगों को अभी भी जहाजपुर के चक्कर?

खजूरी पंचायत समिति क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 15 सीआर क्षेत्रों के लोगों को यदि चुनाव संबंधी फॉर्म भरने अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अभी भी जहाजपुर जाना पड़ेगा, तो फिर नई पंचायत समिति बनाने का उद्देश्य आखिर कितना धरातल पर उतर पाएगा?

अन्य नवगठित पंचायत समितियों में तत्काल व्यवस्था के तहत कहीं स्कूल भवन में तो कहीं किराए के भवन में कार्यालय संचालन की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में सवाल यह भी है कि खजूरी पंचायत समिति के लिए ऐसी अस्थायी व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की गई?

न बोर्ड लगा, न भवन तय… तो नई पंचायत समिति चलेगी कहां से?

जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद भी अभी तक न तो कार्यालय के लिए भवन तय नजर आ रहा है और न ही किसी भवन पर “पंचायत समिति खजूरी” का बोर्ड दिखाई दे रहा है।

अब जनता यह जानना चाहती है कि नए प्रधान की कुर्सी खजूरी में लगेगी या पंचायत समिति का कामकाज जहाजपुर से ही चलता रहेगा?

पंचायत समिति का दर्जा सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जनता को नई पंचायत समिति का कार्यालय, अधिकारी-कर्मचारी और प्रशासनिक व्यवस्था धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।

विधायक गोपीचंद मीणा के प्रयासों से खजूरी को पंचायत समिति का दर्जा मिला, इसके लिए जनता आभार व्यक्त कर रही है। लेकिन अब प्रशासन से भी उम्मीद है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले खजूरी पंचायत समिति की अस्थायी अथवा स्थायी कार्यालय व्यवस्था स्पष्ट की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को अपने ही पंचायत समिति मुख्यालय के काम के लिए दूसरे शहर के चक्कर न लगाने पड़ें।

जनता का सवाल साफ है
दर्जा मिल गया, अब खजूरी पंचायत समिति वास्तव में एक्टिव कब होगी?