लाडपुरा स्वास्थ्य केंद्र: चिकित्सक की गैरमौजूदगी से मरीज बेहाल, इलाज के लिए भटकने को मजबूर
लाडपुरा (शिव जांगिड़)।
कस्बे के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) पर इन दिनों चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अस्पताल में चिकित्सक के अक्सर मौजूद नहीं रहने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि रोगी उम्मीद के साथ इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर के नहीं मिलने पर उन्हें निराश होकर बैरंग लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी चांदमल माली ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थापित डॉ. राहुल चौधरी नियमित रूप से अस्पताल में नहीं आते हैं। बीमार मरीजों को परामर्श और विभिन्न चिकित्सकीय जांचों के लिए डॉक्टर की सख्त आवश्यकता होती है। लेकिन, चिकित्सक के अपने कक्ष में नहीं मिलने के कारण मरीजों को मजबूरी में बेहतर इलाज के लिए मांडलगढ़ और भीलवाड़ा जैसे शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
स्टाफ की कमी और बैठकों का हवाला दे रहे चिकित्सक
इस पूरे मामले में जब डॉ. राहुल चौधरी का पक्ष जाना गया, तो उन्होंने ब्लॉक में स्टाफ की कमी को मुख्य कारण बताया। डॉ. चौधरी का कहना है कि स्टाफ की कमी के चलते उनकी ड्यूटी विभाग द्वारा एक दिन के लिए बीगोद लगा दी गई है। इसके अलावा उन्हें कभी सिंगोली भेज दिया जाता है, तो कभी ब्लॉक स्तर की बैठकों में शामिल होना पड़ता है। डॉ. चौधरी ने स्पष्ट किया कि इन विभागीय कार्यों और अन्य जगहों पर ड्यूटी के अलावा, बाकी बचे हुए दिनों में वह लाडपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही उपस्थित रहते हैं और मरीजों को अपनी सेवाएं देते हैं।
बहरहाल, विभागीय व्यवस्थाओं और स्टाफ की कमी का खामियाजा सीधे तौर पर लाडपुरा के आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें अपने ही गांव में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
