बार काउंसिल चुनाव में लॉ स्टूडेंट्स की एंट्री पर उठे सवाल, रोक लगाने की मांग तेज

(महेन्द्र नागौरी)

जयपुर / भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|राजस्थान बार काउंसिल चुनाव को लेकर नया विवाद सामने आया है। सदस्य पद के उम्मीदवार एडवोकेट पूनमचंद भंडारी ने लॉ कॉलेज के छात्रों की चुनावी गतिविधियों में भागीदारी पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे रोकने की मांग उठाई है।
भंडारी ने हाई पावर कमेटी, दिल्ली के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि राजस्थान के सभी लॉ कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश जारी किए जाएं, ताकि छात्र पढ़ाई छोड़कर वकीलों के चुनाव में शामिल न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान हाईकोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रचार करते नजर आए, जहां हंगामा और नारेबाजी भी हुई। इतना ही नहीं, कुछ छात्र मतदान कक्ष तक पहुंच गए।
भंडारी का आरोप है कि कुछ उम्मीदवार छात्रों को लालच देकर, यहां तक कि इंटर्नशिप सर्टिफिकेट का प्रलोभन देकर चुनावी प्रचार में शामिल कर रहे हैं। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया और पेशे की गरिमा के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि जो छात्र इस स्तर पर अनुशासनहीनता कर रहे हैं, उनसे भविष्य में न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे में कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि छात्र चुनावी गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई हो।
भंडारी ने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज इस आदेश की पालना नहीं कराते हैं तो उनकी मान्यता तक रद्द करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून के क्षेत्र में आने वाले युवाओं को शुरुआत से ही अनुशासन और मर्यादा का पालन करना जरूरी है।