मांडलगढ़ नगर पालिका की घोर लापरवाही: महाराणा प्रताप पार्क में खुला ‘मौत का कुआं

विशेष संवाददाता | मांडलगढ़

मांडलगढ़ सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल के ठीक सामने स्थित और नगर पालिका द्वारा निर्मित ‘महाराणा प्रताप पार्क’ इन दिनों बच्चों के लिए मनोरंजन की जगह कम और हादसों का खुला आमंत्रण ज्यादा बन गया है। पार्क में मौजूद एक गहरा, बिना ढक्कन का पानी का टैंक प्रशासन की घोर अनदेखी और लापरवाही की गवाही दे रहा है, जो किसी भी वक्त किसी मासूम की जिंदगी निगल सकता है।

खेल-कूद के बीच मौत का साया

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि जहां शाम के समय छोटे-छोटे मासूम बच्चे ओपन जिम के उपकरणों पर खेल रहे हैं, वहीं चंद कदमों की दूरी पर एक बड़ा और गहरा पानी का टैंक पूरी तरह से खुला पड़ा है। टैंक गंदे पानी और कचरे से भरा हुआ है और इसके किनारे (मुंडेर) भी टूटे-फूटे हैं। खेलते समय बच्चों का ध्यान भटकना या पैर फिसलना एक स्वाभाविक बात है। ऐसे में यह खुला टैंक किसी भी दिन एक बड़े और दर्दनाक हादसे का कारण बन सकता है।

क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन?

हैरानी की बात यह है कि सार्वजनिक पार्क जैसी जगह, जहां रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार आते हैं, वहां सुरक्षा मानकों को इस तरह ताक पर रख दिया गया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि नगर पालिका ने पार्क का निर्माण तो करा दिया, लेकिन इसके सुरक्षित रखरखाव की जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। खुले टैंक को कवर न करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

जिम्मेदारों पर उठते सवाल:

  • बच्चों के खेलने की जगह पर इतना गहरा टैंक खुला क्यों छोड़ा गया है?
  • क्या पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों ने कभी इसका निरीक्षण नहीं किया?
  • क्या नगर पालिका किसी मासूम के ‘मृत्यु का ग्रास’ बनने के बाद ही नींद से जागेगी?

स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत इस मामले का संज्ञान ले और बिना किसी देरी के इस टैंक को ऊपर से स्थायी रूप से कवर किया जाए। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में बच्चों की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो सके।