(हरिप्रसाद शर्मा)
पुष्कर/ अजमेर/स्मार्ट हलचल|श्री अखिल भारतीय माहेश्वरी सेवा सदन पुष्कर में नवनिर्मित कृष्ण भवन का लोकार्पण समारोह बुधवार को किया गया। इस दौरान भवन में 57 कमरे बनाये गये । जो कि आधुनिक एवं सुविधायुक्त कमरों के साथ एसी हॉल का लोकार्पण राष्ट्रीय संत गोविंद देव गिरी महाराज ने एक समारोह किया।
सेवा सदन के अध्यक्ष रामकुमार भूतड़ा ने बताया कि बुधवार को प्रातः 10 बजे राष्ट्रीय संत गोविंददेव गिरी महाराज का स्वागत किया गया। तत्पश्चात यज्ञ पूर्णाहुति, पूजा अर्चना एवं आरती हुई। तथा अतिथियों का सम्मान एवं उद्बोधन हुआ साथ ही संत गोविंददेव गिरी महाराज आशीवर्चन दिया। वहीं दूसरी तरफ समारोह के पश्चात विरोधी लोगों के द्वारा भारी हंगामे के बीच पुलिस सुरक्षा के बीच भवन का लोकार्पण किया । नवनिर्मित कृष्ण भवन का लोकार्पण के दौरान समाज के विरोधी गुट के लोगों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद कृष्ण भवन के भामाशाहों का समारोह सम्मान किया गया। सदन के कार्यालय मंत्री मधुसुदन मालू के अनुसार समारोह में अखिल भारतीय माहेश्वरी महासभा के सभापति संदीप काबरा , पूर्व सभापति रामपाल सोनी उपस्थित रहे। विशिष्ठि अतिथि आईएएस श्रीकांत बाल्दी, समाजसेवी सुरेश राठी व ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ के उपाध्यक्ष रामअवतार जाजू थे। सदन के महामंत्री रमेशचंद छापरवाल ने कहा कि समारोह के पश्चात दोपहर क़रीब 1.30 बजे वर्तमान सत्र की प्रबंधकारिणी समिति की 20वीं बैठक भी आयोजित की गई ।जिसमें विषय सूची अनुरूप चर्चा कर निर्णय लिया गया। इस समारोह में विरोधी गुट
गुट के लोग कृष्ण भवन के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे ।प्रदर्शन करने वाले विरोधी गुट के लोगों को सीआई विक्रम सिंह राठौड़ और तहसीलदार इंद्रजीत सिंह चौहान नेसमझाइय की। लेकिन कोई हल नहीं निकला तो कृष्ण भवन के बाहर से हटाने का आग्रह किया। लेकिन वह वहीं डटे रहे ।आखिरकार विरोधी गुट के लोगों ने हंगामा मचाया ओर हंगामे के बीच पुलिस जाप्ते के साथ स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने कृष्ण भवन का लोकार्पण किया।लोकार्पण के समय स्वामी जी के सामने ही दोनों गुट के लोग आपस में भिड़ गए और एक दूसरे को मरने मारने पर उतारू हो गए । वहीं माहेश्वरी समाज के लोगों ने घटना को अंजाम दिया समाज को शर्मसार कर दिया। वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव नहीं कराए जाने पर दूसरे गुट के लोगों में असंतोष बढ़ रखा था और यह असंतोष आखिरकार मैदान ए जंग में उस वक्त तब्दील हो गया जब कृष्ण भवन का स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने जैसे ही लोकार्पण किया और समाज का परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया । समाज दो गुटों में जमकर मारपीटी शुरू हो गए ओर एक दूसरे पर जमकर लाते घुसे चलाए ओर जो भी मिला उस पर अपने हाथ साफ करते नजर आए सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात हे कि माहेश्वरी समाज के लोगों ने अपने समाज के बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा ओर उनके साथ भी धक्का मुक्की ओर मारपीट कर डाली।चुनाव नहीं करवाने के कारण समाज दो गुटों में बंट रखा था।विरोधी गुट ने अध्यक्ष पर सेवा सदन के विधान का उल्लंघन और मनमाने निर्णय लेने के आरोप लगाए । उनका कहना है कि गत 9 दिसंबर को कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी 14 दिसंबर को साधारण सभा बुलाकर कार्यकाल बढ़ाने सहित कई फैसले लिए गए, जो असंवैधानिक हैं।
इसी वजह से बुधवार को विरोधी गुट के समाजबंधुओं ने सेवा सदन में नवनिर्मित कृष्ण भवन के बाहर धरना ,प्रदर्शन देकर बैठ गए इस दौरान सीआई विक्रमसिंह राठौड़ ओर तहसीलदार इंद्रजीतसिंह ने उनको समझाइश करके हटा लेकिन जैसे ही भवन का लोकार्पण हुआ दोनों गुटों ने मारपीट शुरू कर दी ओर सदन में अफरा तफरी मच गई।दोनों गुटों के लोग एक दूसरे को मरने मारने में उतारू हो गए तथा समाज के बड़े बुजुर्गो को भी उन्होंने नहीं बख्शा ओर उनके साथ भी मारपीट कर धक्का मुक्की कर डाली यही नहीं दोनों गुटों के लोगों एक दूसरे को मारते परिसर के बाहर सड़कों तक पहुंच गए ओर लाठियां तक मारने के लिए हाथों में ले ली इस दौरान तमाशबीन लोगों की भारी भीड़ लग गई समाज के कुछ सभ्य लोगों अन्य समाज के लोगों ओर पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दोनों गुटों के लोगों को अलग कर मामला शांत करवाया।विपक्ष के गुट को लोगों ने परिसर के बाहर निकालकर मामला शांत किया।
