कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक निकाली विरोध रैली,सौंपा ज्ञापन
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा। बढ़ती महंगाई, पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती और बेरोजगारी सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी शहर के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार तक आमजन की समस्याएं पहुंचाने की मांग की। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई गई।
पीसीसी मेंबर मनोज पालीवाल ने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है, जबकि देशभर की जनता महंगाई की मार झेल रही है। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा की पहचान वस्त्र नगरी के रूप में रही है, लेकिन शहर की खस्ताहाल सड़कें और जगह-जगह गड्ढे इस पहचान को धूमिल कर रहे हैं।
एडवोकेट कुणाल ओझा ने कहा कि भीलवाड़ा शहर में पेयजल संकट, बिजली कटौती, सीवरेज कार्यों की अव्यवस्था एवं नालों की सफाई नहीं होने से आमजन परेशान है। एडवोकेट कुणाल ओझा ने बताया कि बरसात से पूर्व प्रशासन को व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस पार्टी आमजन एवं युवाओं की आवाज को लगातार उठाती रहेगी।
ज्ञापन में शहर में नियमित एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई। इसके अलावा बरसात से पहले मुख्य नालों और छोटी नालियों की प्रभावी सफाई कराने, गांधी नगर ब्लॉक क्षेत्र में चल रहे सीवरेज कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की भी मांग उठाई गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाते हुए प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताई। साथ ही नीट परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि युवाओं का विश्वास दोबारा कायम हो सके।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दे सीधे आमजन के दैनिक जीवन और युवाओं के भविष्य से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सरकार को इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देकर जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए।
