50 वर्षों से लंबित नाथद्वारा–टोड़ा राय सिंह नई रेलवे लाइन को लेकर फिर जगी उम्मीद, सांसद महिमा कुमारी ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

गंगापुर ……स्मार्ट हलचल।पिछले लगभग 50 वर्षों से लंबित नाथद्वारा–टोडारायसिंह (कोठियारा–बनेड़िया–रेलमगरा–गंगापुर–) नई रेलवे लाइन की मांग एक बार फिर चर्चा में है। इस रेल परियोजना के लिए पूर्व में दो बार सर्वे भी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक परियोजना को स्वीकृति नहीं मिल सकी है और न ही कोई ठोस प्रगति हुई है।
हाल ही में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने 20 जून 26 को केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, पर्यटन, व्यापार, कृषि, खनन तथा रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और लाखों लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
रेलवे संघर्ष समिति के सदस्य राम प्रसाद माली ने बताया कि
सांसद के इस प्रयास से क्षेत्र की जनता में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित यह परियोजना अब गति पकड़ सकती है। हालांकि, क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि केवल पत्राचार से परियोजना को मंजिल तक पहुंचाना आसान नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक देश और प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की ओर से इस परियोजना के प्रति विशेष रुचि और प्रभावी पैरवी नहीं होगी, तब तक यह मामला फाइलों में ही सीमित रह सकता है।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि यह रेलवे लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बन सकती है। लंबे समय से जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों द्वारा लगातार इसकी मांग उठाई जाती रही है।
अब क्षेत्रवासियों की निगाहें केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय पर टिकी हैं कि क्या इस बार दशकों पुरानी मांग को स्वीकृति मिलेगी या यह महत्वाकांक्षी परियोजना एक बार फिर ठंडे बस्ते में चली जाएगी