अधिशाषी अधिकारी का पदभार संभालते ही आयुक्त रिंकल गुप्ता ने लिया सफाई व्यवस्था का जायजा, बिना स्वीकृति निर्माण पर नोटिस
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|नगर पालिका प्रशासन में एक बार फिर प्रशासनिक सक्रियता दिखाई देने लगी है। स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान सरकार के आदेशों की पालना में आयुक्त रिंकल गुप्ता ने नगर पालिका शाहपुरा में अधिशाषी अधिकारी के पद का कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने कार्यालयीन औपचारिकताओं तक सीमित रहने के बजाय शहर की सफाई व्यवस्था, निर्माण गतिविधियों और पालिका की कार्यप्रणाली का मौके पर जाकर जायजा लिया।
नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही आयुक्त गुप्ता ने कहा है कि नगर पालिका प्रशासन का फोकस अब शहर की स्वच्छता, निर्माण गतिविधियों के नियमन, नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और सरकारी नियमों की प्रभावी पालना पर रहेगा। शहर के निरीक्षण के दौरान बिना स्वीकृति निर्माण किए जाने के मामले सामने आने पर संबंधित भू-स्वामियों को नोटिस जारी कर पाबंद किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम स्वीकृति के निर्माण किए जाने पर नगर पालिका अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने शहरवासियों से अपील की कि पालिका की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाए।
बिना ले-आउट पास कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से बचें–
आयुक्त गुप्ता ने शहर में बढ़ रही अनियोजित निर्माण गतिविधियों के संदर्भ में नागरिकों को भी सतर्क किया। उन्होंने कहा कि बिना ले-आउट स्वीकृत कृषि भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनियों में भूखंड खरीदने से नागरिकों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसके ले-आउट, वैधानिक स्वीकृतियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर लें। पालिका प्रशासन का यह रुख शहर में नियोजित विकास और भवन निर्माण नियमों की पालना की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शाहपुरा जैसे तेजी से विस्तार ले रहे शहर में अनियोजित कॉलोनियों और बिना अनुमति निर्माण की समस्या केवल व्यक्तिगत स्तर की परेशानी नहीं, बल्कि भविष्य की सड़क, नाली, पानी, बिजली, पार्किंग और अन्य नगरीय सुविधाओं पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में पालिका प्रशासन द्वारा निर्माण स्वीकृति और ले-आउट व्यवस्था को लेकर दिखाई जा रही सख्ती को शहर के सुनियोजित विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
कार्मिकों को निर्देशकृनागरिकों के काम में न हो अनावश्यक देरी-
कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयुक्त गुप्ता ने नगर पालिका के सभी कार्मिकों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों से जुड़े कार्यों को पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयावधि में नियमानुसार पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी संस्था है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर निर्माण स्वीकृति, सफाई, पट्टे और अन्य नागरिक सेवाओं तक बड़ी संख्या में लोग पालिका पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के कार्य को नियमों के दायरे में समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकार की सुशासन एवं पारदर्शी प्रशासन की नीति के अनुरूप पालिका स्तर पर भी नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
7 से 16 अक्टूबर तक सेवा सेतु अभियान-
आयुक्त रिंकल गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 7 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 तक नगर पालिका सभागार में सेवा सेतु अभियान-2026 आयोजित किया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अधिकाधिक संख्या में अभियान में भाग लेकर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को नागरिकों के करीब पहुंचाना और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। नागरिकों को चाहिए कि वे निर्धारित अवधि में शिविर में पहुंचकर अपने लंबित कार्यों एवं पात्रता से संबंधित सेवाओं का लाभ उठाएं।
स्वच्छता में प्रशासन के साथ नागरिकों की भागीदारी जरूरी–
आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी नागरिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि घर का कचरा पालिका के आने वाले ऑटो टिपर में ही डालें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाएं। उन्होंने कहा कि केवल नगर पालिका के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक परिवार यदि कचरे को निर्धारित वाहन में ही डाले और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करे तो शहर की तस्वीर बदली जा सकती है।
पहले भी संभाल चुकी हैं शाहपुरा की जिम्मेदारी–
उल्लेखनीय है कि रिंकल गुप्ता पूर्व में भी शाहपुरा में अधिशाषी अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं। ऐसे में शहर और नगर पालिका की कार्यप्रणाली से उनका पूर्व परिचय भी है। अब दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने शहर की बढ़ती आबादी, नगरीय विस्तार, सफाई व्यवस्था, निर्माण नियंत्रण और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने जैसी कई चुनौतियां रहेंगी। नई प्रशासनिक पारी की शुरुआत में ही निरीक्षण, बिना स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई की चेतावनी, कार्मिकों को समयबद्ध सेवा के निर्देश और सेवा सेतु अभियान की तैयारीकृइन चार प्राथमिकताओं ने शाहपुरा नगर पालिका के आगामी कामकाज की दिशा का संकेत दे दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक सख्ती और सरकार की सुशासन नीति का असर शहर की जमीन पर किस रूप में दिखाई देता है।