अणुव्रत जीवन में उतारने से व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज में आएगा सकारात्मक बदलाव
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|अणुव्रत आंदोलन केवल किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित विचारधारा नहीं, बल्कि संयम, अनुशासन, नैतिकता, अहिंसा और सदाचार के माध्यम से बेहतर व्यक्ति और बेहतर समाज के निर्माण का संदेश देने वाला जनआंदोलन है। इसी उद्देश्य को विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ते हुए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलिया खुर्द में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत अणुव्रत अनुशासन दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अणुव्रत आंदोलन की मूल भावना से परिचित कराते हुए जीवन में अनुशासन और आत्मसंयम को अपनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक एवं कवि ओम माली ‘अंगारा’ ने किया। उन्होंने अणुव्रत आंदोलन की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अणुव्रत आचार संहिता का वाचन करवाया। उन्होंने कहा कि अनुशासन केवल विद्यालय अथवा परीक्षा तक सीमित रहने वाली व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला संस्कार है। छोटी-छोटी बुराइयों से स्वयं को दूर रखकर व्यक्ति अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
विद्यालय के उप प्राचार्य दशरथ कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को शांति, सौहार्द और सद्भावना का संदेश देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो शिक्षा के साथ संस्कारों को भी अपने जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परस्पर सम्मान और सकारात्मक सोच को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान ब्राइट माइंड सेकेंडरी स्कूल में आयोजित अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने अणुव्रत के सिद्धांतों को अपने विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया।
पर्यावरण संरक्षण भी अणुव्रत का महत्वपूर्ण संदेश
इससे पूर्व महाप्रभु श्री रामचरण कन्या विद्यापीठ में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत पर्यावरण शुद्धि दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया।
मुख्य वक्ता दिग्विजय सिंह, प्रोफेसर इंग्लिश ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में मोहन, जितेन्द्र, जयशंकर पाराशर, कैलाशचंद्र शर्मा, जगदीश जाट सहित संयोजक गोपाल पंचोली उपस्थित रहे।
अणुव्रत सप्ताह के आयोजनों ने यह संदेश दिया कि अनुशासित व्यक्ति ही स्वस्थ समाज की नींव रख सकता है और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक ही आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।