अनिल कुमार खींची
जैन मंदिरों में अभिषेक-शांतिधारा, 108 दीपकों से हुई भव्य महाआरती
स्मार्ट हलचल ब्यावर। दिगंबर जैन समाज के दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की विशेष पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। शहर के जैन मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। अभिषेक, शांतिधारा, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू अर्पित किया गया।
अजमेर रोड स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई। रजत कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य विनोद कुमार, मधु, अमित, जागृति एवं प्रशांत जैन परिवार को प्राप्त हुआ। मंदिर मंत्री संजय गंगवाल ने बताया कि भगवान पुष्पदंतजी के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर श्रद्धाभाव से निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान पार्श्वनाथ, भगवान महावीर एवं भगवान पुष्पदंत के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर अध्यक्ष संजय रावका ने बताया कि श्रद्धालुओं ने उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लिया।
लोभ का त्याग कर आत्मा को निर्मल बनाने का संदेश
श्री दिगंबर जैन पंचायत नसियां में पंडित अरुण कुमार जैन शास्त्री ने तत्त्वार्थ सूत्र का अध्ययन कराया तथा उत्तम शौच धर्म पर प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि उत्तम शौच धर्म केवल बाहरी स्वच्छता का विषय नहीं, बल्कि आत्मा को लोभ रूपी विकार से मुक्त कर निर्मल बनाने की साधना है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक लोभ मनुष्य को असंतोष की ओर ले जाता है, जबकि संतोष और समभाव के माध्यम से आत्मिक शुद्धता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से लोभ का त्याग कर संतोष एवं सरलता को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
108 दीपकों से हुई महाआरती
दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन शाम को शहर के विभिन्न जिनालयों में 108 दीपकों से भव्य महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान की आराधना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इस दौरान शहरभर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।