स्कूलों के बाहर बिक रहा था जहर, बच्चों ने खोली पोल तो दौड़ी पुलिस

(महेन्द्र नागौरी)

भीलवाड़ा |स्मार्ट हलहल|स्कूली बच्चों की सजगता ने आखिरकार प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘Transformative Tuesday’ अभियान के तहत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों ने न्यायाधीशों के सामने खुलासा किया कि उनके स्कूलों के बाहर खुलेआम सिगरेट, गुटखा और बीड़ी की बिक्री हो रही है। शिकायत मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरकत में आया और पुलिस ने स्कूलों के आसपास ताबड़तोड़ छापेमारी कर तंबाकू उत्पाद जब्त करते हुए दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की।
मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में “Say No to Drugs, Say Yes to Dreams” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। महेश पब्लिक स्कूल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार जैन तथा सेंट एंसलम स्कूल में वाणिज्यिक न्यायालय की न्यायाधीश मीना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया और उनसे सीधा संवाद किया।
प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान छात्रों ने बताया कि विद्यालय परिसरों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, जिससे छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है और शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने तत्काल सुभाषनगर, प्रतापनगर और भीमगंज थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही पुलिस टीमों ने महेश पब्लिक स्कूल, राजेंद्र मार्ग स्कूल और सेंट एंसलम स्कूल के आसपास संचालित दुकानों पर औचक छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान कोटपा (COTPA) अधिनियम और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों से बड़ी मात्रा में सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। साथ ही संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने कहा कि “बच्चे और उनके सपने देश का भविष्य हैं। शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बच्चों को सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
इस कार्रवाई के बाद स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों में हड़कंप मच गया, वहीं अभिभावकों और शिक्षकों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।