पुलकसागर से भागवत की मुलाकात पर टिकी राजनीतिक नजरें!

धर्मनगरी में संत-संघ प्रमुख संवाद, आध्यात्मिक मुलाकात के सियासी मायने तलाशे जा रहे

भीलवाड़ा| स्मार्ट हलचल|धर्मनगरी भीलवाड़ा में 14 सितंबर को होने जा रही आचार्य पुलकसागर महाराज और आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की मुलाकात ने धार्मिक हलकों के साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। संघ प्रमुख भागवत सोमवार सुबह 11 बजे शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल पहुंचकर आचार्य पुलकसागर से मुलाकात करेंगे। करीब एक घंटे की प्रस्तावित धर्म-चर्चा में धार्मिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर मंथन होगा।
हालांकि मुलाकात का स्वरूप धार्मिक एवं सामाजिक संवाद का है, लेकिन भीलवाड़ा में इसके राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशे जा रहे हैं। आचार्य पुलकसागर अपनी ओजस्वी वाणी और सामाजिक सरोकारों पर मुखर विचारों के लिए जाने जाते हैं, जबकि भागवत संघ के शीर्ष नेतृत्व का चेहरा हैं। ऐसे में दोनों की मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म होना स्वाभाविक है।
खासकर नगर निकाय चुनाव के माहौल में यह मुलाकात राजनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण नजर आ रही है। क्या यह सिर्फ संत और संघ प्रमुख के बीच धर्म-संवाद तक सीमित रहेगी या इसके संदेश का असर समाज और राजनीति तक भी पहुंचेगा? इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
संघ प्रमुख के आगमन को लेकर चातुर्मास स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब सबकी निगाहें 14 सितंबर की उस मुलाकात पर हैं, जहां धर्म, समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर होने वाला संवाद भीलवाड़ा के राजनीतिक माहौल में क्या संदेश छोड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।