महेन्द्र नागौरी
65 सदस्यीय दल ने बाजारों में की भव्य महाआरती, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; पुर की खुशहाली और लक्ष्मीनाथ मंदिर निर्माण की कामना
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उज्जैन/भीलवाड़ा |स्मार्ट हलचल|शहर के उपनगर पुर की दशम सेवा समिति ने उज्जैन में भगवान महाकाल की सवारी के दौरान भक्ति और सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। 65 सदस्यीय दल ने महाकाल की सवारी के आगे-आगे बाजारों में भव्य महाआरती करते हुए पुर की खुशहाली, सुख-समृद्धि और श्री लक्ष्मीनाथ भगवान मंदिर निर्माण की मंगलकामना की। आरती के दिव्य दृश्य के हजारों-लाखों श्रद्धालु साक्षी बने।
समिति के दल ने रविवार को अहिल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर पुर की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के पावन तट पर रात्रि करीब 9 बजे भव्य महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
महाकाल की सवारी के आगे गूंजे जयकारे
सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकली तो दशम सेवा समिति के सदस्य आरती की थालियां लेकर सवारी के आगे-आगे बाजारों से गुजरे। रास्ते के दोनों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। महाआरती और भगवान महाकाल के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत
समिति की धार्मिक सेवा और अनुशासन की स्थानीय लोगों व श्रद्धालुओं ने सराहना की। कई स्थानों पर सदस्यों का फूलों से स्वागत किया गया। आयोजन को उज्जैन के विभिन्न मीडिया संस्थानों और टीवी चैनलों ने भी प्रमुखता से कवरेज दिया।
दशम सेवा समिति के सदस्यों ने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि पुर की खुशहाली, श्री लक्ष्मीनाथ भगवान के भव्य मंदिर निर्माण और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक आस्था व संकल्प की यात्रा है। समिति ने महाकाल बाबा और भगवान ओंकारेश्वर से सभी के सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगलकामना की।
