राजेन्द्र खटीक
भीलवाड़ा-स्मार्ट हलचल|विशिष्ट न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) बालकृष्ण मिश्र ने नाबालिग छात्रा के साथ बंधक बनाकर बलात्कार के मामले में मुख्य आरोपी इरफान को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 61 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। उसके साथी शादाब हुसैन को 5 वर्ष की सजा व 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत के अनुसार, 17 अगस्त 2024 को सदर थाने में परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि उसकी 12वीं कक्षा की नाबालिग भतीजी स्कूल से लौटी नहीं। जांच में पता चला कि जवाहर नगर निवासी इरफान व उसके साथी ने छात्रा को उसके नाना के एक्सीडेंट का बहाना बनाकर भगा लिया। आरोपी ने छात्रा को अपने घर बंधक बनाया, जबरन रेप किया। परिवादी ने आरोपी के घर पहुंचकर मुश्किल से छात्रा को छुड़ाया। पीड़िता ने बताया कि इरफान ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसमें उसके परिवारजन भी शामिल थे। आरोपी ने पीड़िता के गहने छीन लिए और अश्लील वीडियो भी बनाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की तथा चार्जशीट पॉक्सो कोर्ट में पेश की। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान व 52 दस्तावेज पेश किए। सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुख्य आरोपी इरफान को 20 वर्ष व जुर्माना और शादाब को 5 वर्ष व जुर्माना की सजा सुनाई। यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्ती का उदाहरण है।













