क्यारा-झोल में लोक इतिहास का सम्मान: नायल देवड़वाल भोमिया बाबा पर लिखी पुस्तक का विमोचन, उमड़ा जनसैलाब

 

*महंत श्री श्री 108 बालक नाथ महाराज रहे मुख्य अतिथि*

भरत देवड़वाल

जमवारामगढ़।स्मार्ट हलचल|क्यारा-झोल, मानोता स्थित नायल भोमिया बाबा मंदिर परिसर में 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित विशाल मेले में लोकदेवता नायल देवड़वाल भोमिया बाबा के इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन समारोह आयोजित हुआ।समारोह में महंत बालकनाथ महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नायल भोमिया बाबा विकास सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मंगलचंद मीणा, चमन राम मीणा एवं पुस्तक के लेखक ताराचंद मीणा (चीता) मौजूद रहे।

पुस्तक का प्रकाशन लक्ष्मी नारायण मीणा मेमोरियल ट्रस्ट, कानडिया वाला के सौजन्य से किया गया। ट्रस्ट के संरक्षक डॉ. हरसहाय मीणा (आईएएस) एवं ट्रस्ट अध्यक्ष सुमन मीणा, पंचायत समिति सदस्य व पूर्व सरपंच मानोता हैं।

*इतिहास, वीरता और लोक आस्था का दस्तावेज है पुस्तक- डॉ हरसहाय मीना*

डॉ हरसहाय मीणा ने व समिति पदाधिकारियों ने बताया की लेखक ताराचंद मीणा (चीता) ने इस कृति में नायल देवड़वाल भोमिया बाबा के इतिहास, वीरता, पराक्रम, वंश परंपरा और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रसंगों को संकलित किया है। पुस्तक का उद्देश्य लोकदेवता की गौरवशाली परंपरा को संरक्षित कर भावी पीढ़ी तक पहुंचाना है।

ट्रस्ट संरक्षक डॉ. हरसहाय मीणा ने बताया कि पुस्तक में देवड़वाल गोत्र की वंशावली, पूर्वजों की वीरगाथाओं, तत्कालीन शासकों, ऐतिहासिक घटनाओं, सामाजिक परंपराओं, चालीसा, आरती एवं वंश-वृक्ष संबंधी सामग्री भी शामिल है।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक, अभियोजन मंगलचंद मीणा ने कहा कि समाज के इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसी पुस्तकों से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के त्याग और वीरता से परिचित होने का अवसर मिलता है।

अध्यक्ष जगदीश मीणा ने लेखक के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह संकलन समाज की सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा, वहीं वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंदिर समिति आरडी मीणा कोषाध्यक्ष हरसहाय मीना गढ़ ने बताया की समाज की एकजुटता में ही हम सभी की भलाई है इसलिए हमेशा सदैव भाईचारे की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आपसी एक-दूसरे के सहयोगी बनें।

समारोह में समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामदयाल मीणा, कोषाध्यक्ष हरसहाय मीणा गढ़, महामंत्री रामकुंवार मानोता, घनश्याम भावपुरा सहित समिति सदस्य मौजूद रहे। बूंदा आदिवासी मीणा समाज संस्था मत्स्य क्षेत्र के प्रदेश प्रमुख जमनराम मीणा ने कहा कि अपने इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण समाज की साझा जिम्मेदारी है।

विमोचन समारोह में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।