हल्दीघाटी, चेतक समाधि, चारभुजा मंदिर और राजसमंद झील का किया अवलोकन; महाराणा प्रताप व वीर चेतक के पराक्रम से हुए रूबरू, ज्ञानवर्धन के साथ हुआ सांस्कृतिक विकास
बदनोर (स्मार्ट हलचल)राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ठुमिया (बदनोर) के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के ज्ञानवर्धन के उद्देश्य से शैक्षणिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास, महाराणा प्रताप एवं उनके वीर अश्व चेतक के अप्रतिम शौर्य तथा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।
हल्दीघाटी, दिवेर व विश्वास स्वरूपम का किया दीदार
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने दिवेर स्थित चेतक स्मारक, गढ़बोर के प्रसिद्ध श्री चारभुजा मंदिर, ऐतिहासिक राजसमंद झील, हल्दीघाटी स्मारक, बलीचा स्थित चेतक समाधि स्थल तथा नाथद्वारा में भगवान शिव की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में से एक ‘विश्वास स्वरूपम’ के दर्शन कर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी प्राप्त की।
🛑 शैक्षणिक भ्रमण : मुख्य बिंदु
- आयोजक संस्था: राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ठुमिया, बदनोर।
- अवलोकन स्थल: हल्दीघाटी, चेतक समाधि, दिवेर स्मारक, चारभुजा मंदिर, राजसमंद झील व विश्वास स्वरूपम।
- प्रमुख उद्देश्य: मेवाड़ के गौरवमयी इतिहास, शौर्य और कला-संस्कृति का व्यावहारिक ज्ञान।
- लाभ: ऐतिहासिक स्थलों के सीधे साक्षात्कार से छात्र-छात्राओं के सामान्य ज्ञान में अभिवृद्धि।
शिक्षकों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ भ्रमण
शैक्षणिक यात्रा के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रत्येक ऐतिहासिक धरोहर के इतिहास एवं सामरिक महत्व से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती सावित्री, शिक्षक संदीप भादू, अनिल कुमार जीनगर, कालूराम गुर्जर एवं छात्राध्यापिका सुमन कंवर उपस्थित रहीं। सभी के कुशल मार्गदर्शन एवं सहयोग से यह शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।