पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । भीलवाड़ा जिले में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे’ अभियान के तहत स्कूलों के बाहर बच्चों को गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट बेचने वालों के खिलाफ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई कराई है। यह कार्रवाई विद्यार्थियों की शिकायतों के आधार पर की गई, जिनमें स्कूल परिसरों के आसपास प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की खुलेआम बिक्री की जानकारी दी गई थी। कार्रवाई के तहत सुभाष नगर थाना पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र के स्कूलों के बाहर तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्या ने बताया कि 21 जुलाई को जिले के 50 विद्यालयों में ‘नो टू ड्रग्स’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने शिकायत की कि कोठारी स्कूल के पास संचालित एक कैफे में स्कूली बच्चों को बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि इससे पहले 7 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम के बाद 8 जुलाई को भी ऐसी दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिलती रहीं। इसी क्रम में राजकीय बालिका विद्यालय, सुभाष नगर के पास भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री की गुमनाम शिकायत प्राप्त हुई, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए वहां से बड़ी मात्रा में बीड़ी, सिगरेट और गुटखा बरामद किया गया।
रश्मि आर्या ने कहा कि कोटपा (COTPA) अधिनियम की धारा 6 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। साथ ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और भंडारण भी कानूनन अपराध है। इसके बावजूद स्कूलों के आसपास इनकी बिक्री बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
