चल विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थियों ने देखे रसायन, भौतिक एवं जीव विज्ञान के प्रयोग और उपकरण; विशेषज्ञों ने जिज्ञासाओं का किया समाधान
केलवा (राजसमंद), स्मार्ट हलचल। श्रीमती फूलीदेवी अंशुल बोहरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, केलवा में विज्ञान समिति, उदयपुर की ओर से ‘इंदिरा अजय मुर्डिया चल विज्ञान प्रयोगशाला’ के माध्यम से सोमवार को विशाल विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। मेले में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में विज्ञान समिति के कुलप्रमुख डॉ. के.एल. कोठारी ने संस्था की 67 वर्ष पूर्व केलवा में स्थापना से लेकर वर्तमान तक समिति द्वारा किए गए विज्ञान एवं समाज सेवा के प्रमुख कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठ कार्य करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।डॉ. के.पी. तलेसरा ने डॉ. होमी जहांगीर भाभा, विक्रम साराभाई और डॉ. डी.एस. कोठारी के परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान एवं रक्षा विज्ञान के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के विभिन्न अवसरों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन स्थानीय शिक्षक अखिल नागदा ने किया।
विज्ञान मेला प्रभारी प्रकाश तातेड़ ने बताया कि मेले में रसायन शास्त्र, भौतिक शास्त्र एवं जीव विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रतिदर्श एवं उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का रुचि के साथ अवलोकन किया और विज्ञान समिति के विषय विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछकर जिज्ञासाओं का समाधान किया।
प्रदर्शनी के दौरान डॉ. के.एल. तोतावत, डॉ. के.पी. तलेसरा, रेणु भंडारी, इंजीनियर अरुण अग्रवाल, गीता सिंह, पंकज शर्मा, मधु मित्तल, डॉ. बी.एल. चावत, अविनाश भटनागर, मंजुला शर्मा सहित विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य मांगीलाल तेली एवं राजकुमार लक्षकार तथा तेरापंथ सभा के पदाधिकारी दिनेश कोठारी, नरेंद्र बोहरा, सुभाष कोठारी, ख्यालीलाल कोठारी एवं देवीलाल कोठारी का सहयोग रहा।
लगभग सात घंटे चले इस विज्ञान मेले को दूरदराज एवं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया गया। आयोजन के अगले चरण के लिए कुछ समूहों ने उदयपुर आकर चल विज्ञान प्रयोगशाला कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण भी कराया।