दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कमल राम मीना ने जारी किए निर्देश, बिजली-पानी और चिकित्सा सेवाएं निर्बाध रखने के आदेश
अनिल कुमार खींची
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।दीपावली के उल्लास के बीच किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर लिया है। दीपावली, गोवर्धन पूजा एवं भैयादूज पर्व को लेकर जिला मजिस्ट्रेट कमल राम मीना ने संबंधित विभागों को अलर्ट करते हुए कानून व्यवस्था से लेकर अग्निशमन, यातायात, चिकित्सा और मूलभूत सुविधाओं तक पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश जारी किए हैं।जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार ब्यावर जिले में 8, 9 एवं 11 नवंबर को पर्व मनाए जाएंगे। इस दौरान भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जिला पुलिस अधीक्षक को पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपखंड मजिस्ट्रेट, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों को भी अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आतिशबाजी के बीच आग से बचाव की तैयारी
त्योहारों पर आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं को फायर ब्रिगेड के वाहनों को तैयार रखने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा मानकों की पालना कराने के साथ निर्धारित स्थानों पर ही आतिशबाजी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात स्थिति में अस्पतालों में मिलेंगी सेवाएं
आतिशबाजी से जलने अथवा अन्य दुर्घटनाओं की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में चिकित्सकों एवं चिकित्सा स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं तैयार रखने के साथ जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा दल एवं संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिजली-पानी की व्यवस्था में नहीं हो बाधा
जिला प्रशासन ने विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने तथा संभावित विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। जलदाय विभाग को भी सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा बाजारों में यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, आवारा पशुओं की रोकथाम तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने पर विशेष जोर दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते व्यवस्थाएं पूरी करने और की गई कार्रवाई से जिला प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।