श्री राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक पुलिस, राजस्थान द्वारा करौली में ली गई उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक

संगठित अपराध, अवैध खनन, मादक पदार्थ, साइबर अपराध एवं सड़क सुरक्षा पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

जयपुर, 24 सितम्बर/स्मार्ट हलचल|पुलिस महानिदेशक राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में करौली जिले में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, भरतपुर रेंज श्रीमती प्रीति चंद्रा, उपमहानिरीक्षक श्री कुंवर राष्ट्रदीप, जिला पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सोनवाल सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कानून-व्यवस्था, संगठित अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई, अवैध खनन एवं बजरी परिवहन, मादक पदार्थों की तस्करी, लंबित प्रकरणों के निस्तारण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा तथा पुलिस की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। डीजीपी ने अधिकारियों को प्रोएक्टिव, परिणामोन्मुख एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*अवैध खनन, बजरी परिवहन एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस*

डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन एवं भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। इन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने के साथ पुलिस की फील्ड विजिबिलिटी बढ़ाने एवं सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने लंबित अनुसंधान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले तीन माह में उनके स्तर पर एक वर्ष से अधिक अवधि का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहे। साथ ही झूठे मुकदमों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

*संगठित अपराध पर एक्शन*

संगठित अपराध के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने गोपनीय तरीके से मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने, मजबूत आसूचना संकलन विकसित करने तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रोएक्टिव पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने पर जोर दिया।

गंभीर एवं महत्वपूर्ण प्रकरणों को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, प्रभावी पैरवी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एरिया डोमिनेशन अभियान तथा मालखानों में जब्त माल के समयबद्ध निस्तारण की भी समीक्षा की गई।

*नवीन आपराधिक कानूनों में तकनीक का प्रभावी उपयोग*

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग, ई-सम्मन एवं ई-वारंट की तामील तथा ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को तकनीक आधारित प्रक्रियाओं का अधिकतम उपयोग कर पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

*स्मैक एवं अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष रणनीति*

अवैध मादक पदार्थों, विशेष रूप से स्मैक के बढ़ते प्रचलन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा स्मैक के कारोबार एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

*सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए सप्ताह में दो दिन विशेष अभियान*

सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने हाईवे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सप्ताह दो दिन विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने इंटरसेप्टर एवं ब्रेथ एनालाइजर का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रभावी चेकिंग करने को कहा। पुलिसकर्मियों द्वारा भी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन नहीं चलाया जाए, इसके लिए पुलिस लाइन एवं कार्यालय परिसरों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

*1930 हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग, साइबर शिकायतों के निस्तारण पर जोर*

साइबर अपराधों की रोकथाम एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर विशेष जोर देते हुए डीजीपी ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त, निस्तारित एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश सोनवाल को 1930 हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने पुलिस थानों पर आने वाले परिवादियों को ऑनलाइन परिवाद दर्ज कराने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि परिवादी अपने प्रकरण में की जा रही कार्रवाई की जानकारी प्राप्त कर सकें तथा परिवादों की मॉनिटरिंग एवं समीक्षा भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।

महिला, बच्चों एवं अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई

महिलाओं, बच्चों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस थानों में महिला पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा पुलिस लाइन परिसरों में सामुदायिक सुविधाओं के उन्नयन की भी समीक्षा की गई।

*सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर जोर*

डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने सामुदायिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि Y-CLG, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक सहित अन्य सामुदायिक पुलिसिंग समूहों के साथ नियमित संवाद एवं प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। इन समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्थानीय स्तर पर आसूचना संकलन, अपराधों की रोकथाम, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था संबंधी सूचनाओं के समय पर आदान-प्रदान में इनका बेहतर उपयोग लिया जाए। साथ ही इनके माध्यम से पुलिस एवं आमजन के मध्य संवाद और विश्वास को ओर अधिक मजबूत किया जाए।

बैठक के अंत में डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की सुरक्षा, अपराधों की प्रभावी रोकथाम, त्वरित अनुसंधान, मजबूत आसूचना तंत्र और फील्ड में पुलिस की दृश्यमान उपस्थिति को प्राथमिकता देते हुए पुलिसिंग को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाया जाए।

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