उपश्रम आयुक्त की पहल रंग लाई, सिल्वर फैब फैक्ट्री श्रमिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान

(पंकज पोरवाल)

आपसी समझौते से श्रमिकों को मिले सभी देय हित लाभ, फैक्ट्री प्रबंधन ने चेक के माध्यम से किया भुगतान

भीलवाड़ा।स्मार्ट हलहल|टेक्सटाइल उद्योग की सिल्वर फैब फैक्ट्री से जुड़े श्रमिकों एवं प्रबंधन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार श्रम विभाग के प्रयासों से सुलझ गया। काम से निकाले जाने की शिकायत को लेकर श्रमिकों द्वारा श्रम विभाग में प्रस्तुत प्रकरण पर लगातार सुनवाई और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इस प्रक्रिया में उप श्रम आयुक्त कार्यालय के निर्देशन में श्रम अधिकारी शिवदयन सोलंकी, श्रम निरीक्षक मनीष कुमार शर्मा, महेंद्र चौहान एवं शिव प्रसाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के सतत प्रयासों और मध्यस्थता के फलस्वरूप श्रमिकों तथा फैक्ट्री संचालक संपत चौरड़िया के बीच सहमति बनी। समझौते के अनुसार सभी प्रभावित श्रमिकों को उनके देय समस्त हित लाभों का भुगतान चेक के माध्यम से कराया गया। भुगतान मिलने के बाद श्रमिकों ने संतोष व्यक्त करते हुए श्रम विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर श्रमिकों की ओर से भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के राज्य सचिव ओमप्रकाश देवानी सहित देवराज सिंह, लक्ष्मेंद्र मलिक, रामलाल जाट, प्रीतम माधव जाट तथा अन्य श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी श्रमिकों ने अपने-अपने चेक प्राप्त किए। श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग का उद्देश्य श्रमिकों एवं उद्योग प्रबंधन के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। यह समझौता श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और संवाद के माध्यम से विवादों के समाधान का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।